नीलेकणी की अध्यक्षता वाला कार्यबल प्रधानमंत्री की छवि बचाने की कवायद: कांग्रेस

नीलेकणी की अध्यक्षता वाला कार्यबल प्रधानमंत्री की छवि बचाने की कवायद: कांग्रेस

नीलेकणी की अध्यक्षता वाला कार्यबल प्रधानमंत्री की छवि बचाने की कवायद: कांग्रेस
Modified Date: August 6, 2026 / 01:16 pm IST
Published Date: August 6, 2026 1:16 pm IST

नयी दिल्ली, छह अगस्त (भाषा) कांग्रेस ने बृहस्पतिवार को आरोप लगाया कि नीट-यूजी प्रश्नपत्र लीक के बाद गठित नंदन नीलेकणी की अध्यक्षता वाला उच्चस्तरीय कार्यबल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की छवि बचाने के लिए की गई ‘‘डैमेज कंट्रोल’’ की कवायद है।

पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने यह दावा भी किया कि प्रधानमंत्री की छवि को अब उनके अपने ही तंत्र के अंदर भी गंभीर झटका लगा है।

उन्होंने कहा कि वर्ष 2024 में राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा-स्नातक (नीट-यूजी) प्रश्नपत्र लीक के बाद केंद्र सरकार ने परीक्षा प्रणाली में सुधार का सुझाव देने के लिए के. राधाकृष्णन की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय कार्यबल का गठन किया था, लेकिन इसकी सिफारिशों को लागू करने के मामले में केंद्र ने कोई राजनीतिक इच्छाशक्ति नहीं दिखाई।

उन्होंने एक अंग्रेजी समाचार पत्र की खबर का हवाला देते हुए कहा कि नीलेकणी की अगुवाई वाले कार्यबल को दिए गए नौ संदर्भ बिंदुओं में से सात पर राधाकृष्णन समिति पहले ही पूरी तरह काम कर चुकी थी, जबकि शेष दो पर भी उसने आंशिक रूप से काम किया था।

कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार अब तक राधाकृष्णन समिति की 101 सिफारिशों में से 27 को भी लागू नहीं कर पाई है।

उन्होंने यह भी दावा किया कि 2024 और 2026 के नीट-यूजी प्रश्नपत्र लीक की घटनाओं के बीच दो वर्षों तक राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) में पूर्णकालिक महानिदेशक की नियुक्ति नहीं की गई।

रमेश ने आरोप लगाया, ‘‘राधाकृष्णन समिति की रिपोर्ट को लागू करने के मामले में सरकार ने न तो राजनीतिक इच्छाशक्ति दिखाई और न ही गंभीरता। नीलेकणी कार्यबल प्रधानमंत्री की छवि बचाने के लिए महज ‘डैमेज कंट्रोल’ की कवायद है।’’

भाषा

हक हक सुभाष

सुभाष


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