रक्षा औद्योगिक परिसर के विकास के लिए ‘बड़ा प्रोत्साहन’ होगा टाटा-एयरबस सी295 विमान विनिर्माण केंद्र

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रक्षा औद्योगिक परिसर के विकास के लिए ‘बड़ा प्रोत्साहन’ होगा टाटा-एयरबस सी295 विमान विनिर्माण केंद्र

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  • Publish Date - October 29, 2022 / 09:35 PM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 07:58 PM IST

नयी दिल्ली, 29 अक्टूबर (भाषा) सी-295 सैन्य परिवहन विमान के विनिर्माण के लिए गुजरात में रविवार को टाटा-एयरबस परियोजना की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा आधारशिला रखने के साथ भारत इस तरह के विमान निर्मित करने की क्षमता रखने वाले करीब दर्जन देशों की प्रतिष्ठित सूची में प्रवेश कर जाएगा। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि परियोजना सरकार के ‘मेक इन इंडिया’ कार्यक्रम को भी बड़ा प्रोत्साहन देगी।

अधिकारियों ने कहा कि सरकार की नजरें अपने महत्वाकांक्षी कार्यक्रमों के जरिये रक्षा क्षेत्र में परिवर्तन लाने पर है। उन्होंने कहा कि इसके लिए रक्षा मंचों और मिसाइल, तोप, विमान वाहक, ड्रोन, लड़ाकू विमान तथा हेलीकॉप्टर आदि के घरेलू स्तर पर विनिर्माण से जुड़ी कई परियोजनाएं जारी हैं। उन्होंने कहा कि ये परियोजनाएं सशस्त्र बलों की आधुनिकीकरण की जरूरतें पूरी करती हैं।

अधिकारियों ने कहा कि हालांकि, सैन्य परिवहन विमान एक ऐसी कड़ी है, जिसकी समूची रक्षा औद्योगिक कॉम्पलेक्स श्रृंखला में कमी थी। उन्होंने कहा कि टाटा और एयरबस के बीच संयुक्त उद्यम ने इस कड़ी की कमी पूरी कर दी और यह ‘मेक इन इंडिया’ कार्यक्रम को प्रोत्साहित करेगा।

उन्होंने कहा कि भारतीय सशस्त्र बल अपनी परिवहन जरूरतों के लिए अब 1960 की पीढ़ी के पुराने एवरो विमानों पर निर्भर नहीं होंगे। उन्होंने कहा कि टाटा-एयरबस परियोजना में विमान के विनिर्माण से लेकर आपूर्ति और रखरखाव तक शामिल होंगे।

सौदे की शर्तों के अनुसार, 16 सी-295 विमानों की आपूर्ति सितंबर 2023 और अगस्त 2025 के बीच किये जाने का कार्यक्रम है।

रक्षा मंत्रालय ने कहा है कि यह परियोजना भारतीय निजी क्षेत्र को अत्यधिक प्रतिस्पर्धी विमानन उद्योग में प्रवेश करने का अवसर देती है।

अधिकारियों ने कहा कि सी-295 विमान विनिर्माण केंद्र के आरंभ होने के साथ भारत इस तरह के विमान निर्मित करने की क्षमता रखने वाला 12वां देश हो जाएगा।

वर्तमान में अमेरिका, जापान, ब्रिटेन, रूस, फ्रांस, इटली, स्पेन, यूक्रेन, ब्राजील, चीन और जापान के पास ही यह क्षमता है।

अधिकारियों ने बताया कि वडोदरा केंद्र में शुरूआत में प्रति वर्ष आठ विमान निर्मित किये जाएंगे।

भाषा सुभाष माधव

माधव