पालघर, 24 जुलाई (भाषा) महाराष्ट्र के तटीय पालघर जिले में पिछले दो दिनों से हो रही भारी बारिश के कारण कम से कम तीन लोगों की मौत हो गई और कई गांवों का संपर्क टूट गया है। प्रशासन ने 1,155 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
राहत दल में शामिल एक अधिकारी ने बाढ़ की स्थिति को पिछले दस वर्षों में जिले की सबसे गंभीर स्थिति बताया।
अधिकारियों के अनुसार, शुक्रवार को बारिश में कुछ कमी आई, लेकिन जिले के स्कूलों और शैक्षणिक संस्थानों को बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं।
जिलाधिकारी और जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) की अध्यक्ष डॉ. इंदु रानी जाखड़ ने बताया कि एहतियाती कदम के तौर पर डहाणू, तलासरी और पालघर तहसीलों में 284 परिवारों के 1,155 लोगों को राहत शिविरों या उनके रिश्तेदारों के घरों में स्थानांतरित किया गया है। उनके लिए भोजन, पेयजल और चिकित्सा सुविधाओं की व्यवस्था की गई है।
उन्होंने बताया कि जिले के विभिन्न जलमग्न इलाकों से रातभर चले अभियान में 244 लोगों को बचाया गया। इनमें पालघर शहर से 124 लोग, तलासरी में एक फैक्टरी में फंसे 65 श्रमिक और गुंडाले में एक फार्महाउस में फंसे 25 लोग शामिल हैं।
अधिकारियों के मुताबिक, कई इलाके अब भी पानी में डूबे हुए हैं और डहाणू तथा तलासरी सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों में शामिल हैं।
डहाणू तहसील में बाढ़ के पानी में डूबने से तीन लोगों की मौत हुई। मृतकों की पहचान अगवान गांव निवासी जगदीश वासन मच्छी (39), अम्बेवाड़ी (लखातपाड़ा) निवासी रूपेश पांडुरंग धड़गा (30) और एक अज्ञात व्यक्ति के रूप में हुई है।
भाषा
शुभम पवनेश
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