नई दिल्ली। Teacher Retirement Age Hike देश में 8वें वेतन आयोग की तैयारियां तेज हो गई है। इसी के सिलसिले में देश की राजधानी दिल्ली में एक अहम बैठक हुई। इस बैठक में कई कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए। बैठक में ऑल इंडिया NPS एम्प्लॉइज फेडरेशन (AINPSEF) ने केंद्रीय शिक्षकों की तरफ से एक बड़ी मांग की। AINPSEF ने वेतन, भत्ते, पदोन्नति, छुट्टियों, स्वास्थ्य सुविधाओं और पेंशन व्यवस्था से जुड़े कई प्रस्ताव रखे हैं। नई दिल्ली में हुई बैठक में शिक्षक संगठनों ने देशभर में केंद्र सरकार के शिक्षकों के लिए समान वेतन और सेवा शर्तें लागू करने की मांग प्रमुखता से उठाई।
Teacher Retirement Age Hike शिक्षक संगठनों ने पुरानी पेंशन योजना (OPS) को फिर से लागू करने की मांग 8वें वेतन आयोग के सामने रखी है। साथ ही शिक्षकों की सेवानिवृत्ति की उम्र बढ़ाकर 65 वर्ष करने का प्रस्ताव दिया गया है। संस्था का तर्क है कि अनुभवी शिक्षकों की सेवाओं का लंबे समय तक लाभ शिक्षा व्यवस्था को मिल सकता है। वर्तमान व्यवस्था के तहत 1 जनवरी 2004 या उसके बाद नियुक्त शिक्षक राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS) के दायरे में आते हैं। उन्हें यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) का विकल्प भी उपलब्ध है। शिक्षक संगठनों ने पेंशन व्यवस्था में बदलाव की मांग करते हुए OPS बहाली का मुद्दा उठाया है।
शिक्षकों ने पदोन्नति व्यवस्था में भी बदलाव का प्रस्ताव रखा है। संस्था की मांग है कि प्रिंसिपल के पदों में 50 फीसदी पद विभागीय शिक्षकों की पदोन्नति के लिए आरक्षित किए जाएं, जबकि 25 फीसदी पद परीक्षा कोटे के जरिए भरे जाएं। इसके अलावा शिक्षकों के लिए ‘हेड ऑफ सब्जेक्ट’ नाम से एक नई प्रमोशनल पोस्ट बनाने का प्रस्ताव रखा गया है। इस पद के लिए ₹5,400 ग्रेड पे निर्धारित करने की मांग की गई है।
AINPSEF ने वाइस प्रिंसिपल के ग्रेड पे को बढ़ाकर ₹6,600 करने की भी मांग की है। शिक्षक संगठनों का कहना है कि पदोन्नति के अवसर बढ़ने से शिक्षकों को बेहतर करियर प्रगति के साथ जिम्मेदारियां निभाने का अवसर मिलेगा। बैठक में वेतन और भत्तों के अलावा छुट्टियों, स्वास्थ्य सुविधाओं और अन्य सेवा शर्तों में सुधार के मुद्दे भी उठाए गए। शिक्षक संगठनों ने देशभर में केंद्र सरकार के स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों के लिए समान वेतन एवं सेवा नियम लागू करने की मांग की है। AINPSEF की ओर से रखी गई ये मांगें फिलहाल प्रस्ताव और मांगों के रूप में 8वें वेतन आयोग के सामने रखी गई हैं। इन पर अंतिम निर्णय वेतन आयोग और सरकार की प्रक्रिया के तहत लिया जाएगा।
स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर शिक्षकों ने सर्विस के दौरान पूरी तरह कैशलेस मेडिकल सुविधा की मांग की है। रिटायरमेंट के समय दिल्ली सरकार के शिक्षकों को अपनी सुविधानुसार DGEHS या CGHS चुनने का विकल्प देने को कहा गया है ताकि वे अपने गृह नगर में भी इलाज करा सकें। 8वें वेतन आयोग की कंसल्टेशन प्रक्रिया अभी जारी रहेगी। आयोग आने वाले दिनों में चेन्नई, चंडीगढ़, पुडुचेरी और जयपुर (31 अगस्त और 1 सितंबर) में अलग-अलग कर्मचारी संगठनों से मिलेगा। हालांकि, फिटमेंट फैक्टर को लेकर सरकार ने अभी पत्ते नहीं खोले हैं और यह तय करने की जिम्मेदारी सीधे आयोग पर छोड़ दी है।
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