शिक्षक संगठन ने छात्रों के प्रदर्शन पर लगी पाबंदियां हटाने को ‘नुकसान की भरपाई की कोशिश’ बताया
शिक्षक संगठन ने छात्रों के प्रदर्शन पर लगी पाबंदियां हटाने को ‘नुकसान की भरपाई की कोशिश’ बताया
चेन्नई, 23 अगस्त (भाषा) तमिलनाडु के उच्च शिक्षा विभाग द्वारा छात्रों की राजनीतिक प्रदर्शनों में भागीदारी पर रोक लगाने और कार्रवाई संबंधी रिपोर्ट मांगने वाले निर्देश को वापस लिए जाने को शिक्षक संगठनों और शिक्षा अधिकार निकायों ने महज ‘‘नुकसान की भरपाई की कोशिश’’ करार दिया है।
राज्य सरकार ने इस निर्देश के संबंध में कॉलेजिएट शिक्षा की संयुक्त निदेशक सिंथिया सेल्वी को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। शिक्षक संगठन ने नोटिस को तत्काल वापस लेने की मांग की है।
तमिलनाडु गवर्नमेंट कॉलेज टीचर्स एसोसिएशन के महासचिव एस. सुरेश ने 22 अगस्त को जारी एक बयान में निर्देश को लेकर सिंथिया सेल्वी को दिए गए कारण बताओ नोटिस पर आपत्ति जताई।
उन्होंने सवाल उठाया कि केवल संयुक्त निदेशक को ही निशाना बनाकर जवाबदेह क्यों ठहराया जा रहा है, जबकि वह उच्च अधिकारियों के निर्देश पर जारी प्रशासनिक आदेशों को लागू कर रही थीं।
ये निर्देश 28 जुलाई को मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय कानून-व्यवस्था बैठक में लिए गए फैसलों के बाद जारी किए गए थे।
बैठक में स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा और पुलिस विभागों के साथ-साथ जिला प्रशासन के बीच समन्वय बढ़ाने की बात कही गई थी, ताकि छात्रों और युवाओं को वामपंथी दलों तथा अन्य संगठनों द्वारा आयोजित प्रदर्शनों और आंदोलनों में भाग लेने से रोका जा सके।
भाषा शफीक नेत्रपाल
नेत्रपाल

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