मणिपुर के उखरुल में प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े गए

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मणिपुर के उखरुल में प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े गए

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  • Publish Date - May 29, 2026 / 01:57 PM IST,
    Updated On - May 29, 2026 / 01:57 PM IST

इंफाल, 29 मई (भाषा) मणिपुर के उखरुल जिले में सुरक्षा बलों ने राष्ट्रीय राजमार्ग को अवरुद्ध करने वाले प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए शुक्रवार को आंसू गैस के गोले छो़ड़े। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

अधिकारियों ने बताया कि नागा समूहों द्वारा कथित तौर पर समुदाय के 14 सदस्यों को बंधक बनाए जाने के विरोध में शांगकाई गांव के लोगों ने अपने क्षेत्र में बंद का आह्वान किया था। उन्होंने इम्फाल से उखरुल जिला मुख्यालय तक जाने वाले महत्वपूर्ण राजमार्ग के एक हिस्से को भी अवरुद्ध कर दिया था।

उन्होंने बताया कि सुरक्षा बलों की कार्रवाई में कम से कम पांच महिलाओं को मामूली चोटें आईं, जिन्हें सुरक्षा बलों ने प्राथमिक उपचार दिया।

प्रदर्शनकारियों ने सड़क के बीचों-बीच भारी पत्थर और पेड़ों के तने रख दिए थे, जिससे उखरुल जिला मुख्यालय की ओर जाने वाली आवश्यक आपूर्ति और सुरक्षा बलों का आवागमन बाधित हो गया।

मणिपुर राज्य में कुकी जनजातियों की सर्वोच्च संस्था ‘कुकी इनपी मणिपुर’ ने नागा समूहों द्वारा कथित तौर पर 14 लोगों को अगवा किए जाने के विरोध में आदिवासी समुदाए वाले सभी क्षेत्रों में अनिश्चितकालीन बंद का आह्वान किया था।

इससे पहले, 13 मई को कांगपोकपी जिले में चर्च से जुड़े तीन लोगों की हत्या किए जाने के कुछ घंटों बाद कांगपोकपी और सेनापति जिलों में सशस्त्र समूहों ने 38 से अधिक लोगों को बंधक बना लिया था।

इनमें से 31 लोगों को रिहा कर दिया गया, जिनमें 12 नागा महिलाएं और 16 कुकी शामिल हैं। हालांकि, छह नागा पुरुष अभी भी बंधक हैं और उनके ठिकाने का अब तक पता नहीं चल पाया है।

‘कुकी इनपी मणिपुर’ का दावा है कि उनके समुदाय के 14 लोग अब भी नागा समूहों के कब्जे में हैं।

भाषा प्रचेता शोभना

शोभना