तेलंगाना: मुख्यमंत्री रेड्डी ने परिसीमन के जरिए भाजपा पर ‘बदले की राजनीति’ का लगाया आरोप
तेलंगाना: मुख्यमंत्री रेड्डी ने परिसीमन के जरिए भाजपा पर ‘बदले की राजनीति’ का लगाया आरोप
नयी दिल्ली, सात मार्च (भाषा) तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि प्रस्तावित परिसीमन प्रक्रिया के जरिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) दक्षिणी राज्यों के खिलाफ ‘बदले की राजनीति’ कर रही है।
उन्होंने केंद्र से इस मुद्दे पर चर्चा के लिए एक सर्वदलीय बैठक बुलाने का आग्रह किया।
रेड्डी ने राष्ट्रीय राजधानी में ‘इंडिया टुडे कॉन्क्लेव’ में दावा किया कि भाजपा संसदीय सीटों के परिसीमन के जरिए दक्षिण भारत के संसदीय प्रतिनिधित्व को कम करना चाहती है, जो जनसंख्या के आधार पर निर्वाचन क्षेत्रों को समायोजित करेगा। कांग्रेस नेता ने कहा, “दक्षिण में भाजपा का कोई प्रतिनिधित्व नहीं है। इसलिए, वह परिसीमन के जरिए बदला ले रही है। भाजपा इस प्रक्रिया के जरिए दक्षिण को खत्म करना चाहती है और ऐसा करने से केवल उत्तरी राज्यों को फायदा होगा।”
तेलंगाना के मुख्यमंत्री ने तर्क दिया कि जनसंख्या नियंत्रण उपायों को सफलतापूर्वक लागू करने के लिए दक्षिणी राज्यों को दंडित नहीं किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि परिसीमन प्रक्रिया से बिहार और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों को अनुपातहीन रूप से लाभ होगा।
रेड्डी ने इसे एक राजनीतिक मुद्दा बताते हुए कहा, “इस मामले पर विस्तार से चर्चा करने के लिए एक सर्वदलीय बैठक बुलाई जानी चाहिए। न केवल दक्षिणी राज्य बल्कि पंजाब जैसे अन्य राज्य भी अपने विचार व्यक्त कर सकते हैं।”
उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया के लिए व्यापक परामर्श की आवश्यकता है।
प्रस्तावित परिसीमन प्रक्रिया को लेकर विवाद उस समय खड़ा हो गया जब तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने 2026 से शुरू होने वाले संसदीय निर्वाचन क्षेत्रों के परिसीमन के लिए 1971 की जनगणना को आधार बनाने के लिए केंद्र के सामने प्रस्ताव रखा।
इसके अलावा स्टालिन ने संबंधित मांगों पर दबाव बनाने के लिए सभी दक्षिणी राज्यों को शामिल करते हुए एक संयुक्त कार्रवाई समिति का गठन करने का भी समर्थन किया।
भाषा जितेंद्र माधव
माधव

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