तेलंगाना: ‘म्यूल’ खातों के जरिए लेन-देन में शामिल गिरोह का भंडाफोड़

तेलंगाना: ‘म्यूल’ खातों के जरिए लेन-देन में शामिल गिरोह का भंडाफोड़

तेलंगाना: ‘म्यूल’ खातों के जरिए लेन-देन में शामिल गिरोह का भंडाफोड़
Modified Date: March 28, 2026 / 11:54 am IST
Published Date: March 28, 2026 11:54 am IST

करीमनगर (तेलंगाना), 28 मार्च (भाषा) तेलंगाना के करीमनगर में ‘म्यूल’ बैंक खातों के जरिए अवैध वित्तीय लेनदेन करने में शामिल एक बड़े गिरोह का शनिवार को भंडाफोड़ किया गया। पुलिस अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

‘म्यूल’ खाते ऐसे बैंक खाते होते हैं जिसका इस्तेमाल ठग खाताधारक की जानकारी से या जानकारी के बगैर, अवैध धनराशि प्राप्त करने, अंतरित करने या उसे वैध बनाने के लिए करते हैं।

अधिकारियों ने बताया कि करीमनगर पुलिस द्वारा ‘ऑपरेशन क्रैकडाउन 1.0’ नाम से चलाए गए अभियान के दौरान 24 संदिग्धों की पहचान की गई और उनमें से 13 को गिरफ्तार कर लिया गया।

करीमनगर के पुलिस आयुक्त गौश आलम ने बताया कि इस गिरोह ने बैंक खातों और डिजिटल मंचों के एक नेटवर्क के जरिये करीब 138 करोड़ रुपये का लेनदेन किया।

उन्होंने एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि इन खातों का कथित तौर पर साइबर धोखाधड़ी से प्राप्त रकम को हस्तांतरित करने के लिए इस्तेमाल किया जाता था और यह राशि अक्सर विदेशों तक पहुंचाई जाती थी।

पुलिस ने कहा, ‘‘भारतीय न्याय संहिता की धारा 112 (सार्वजनिक असुरक्षा पैदा करने वाले अपराध, जो अक्सर समूहों या गिरोहों द्वारा किए जाते हैं) और 318(4) (धोखाधड़ी से संबंधित) तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66-डी (कंप्यूटर संसाधन या संचार उपकरण का उपयोग करके किसी अन्य का रूप धारण कर धोखाधड़ी) के तहत कई मामले दर्ज किए गए हैं।’’

आरोप है कि ये मामले आरबीएल (रत्नाकर बैंक लिमिटेड) और ‘रैपिड ग्रो वर्चुअल’ सेवाओं समेत कुछ डिजिटल खाता मंचों के जरिये किए गए लेनदेन से जुड़े हैं।

पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार किए गए लोगों में जगतियाल, पेद्दापल्ली, करीमनगर और वारंगल जिलों के कथित समन्वयक, बिचौलिए, बैंक अधिकारी और खाताधारक शामिल हैं।

पुलिस ने कहा कि बाकी संदिग्धों को पकड़ने और धोखाधड़ी के अंतरराष्ट्रीय संबंधों का पता लगाने के प्रयास जारी हैं।

भाषा सिम्मी अमित

अमित


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