राजस्थान के शिवालयों में सावन के पहले सोमवार पर उमड़ा आस्था का सैलाब
राजस्थान के शिवालयों में सावन के पहले सोमवार पर उमड़ा आस्था का सैलाब
जयपुर, तीन अगस्त (भाषा) सावन माह के पहले सोमवार को राजस्थान के शिवालयों में श्रद्धा और आस्था का अभूतपूर्व जनसैलाब उमड़ पड़ा। प्रदेशभर में तड़के से ही भगवान शिव के दर्शन, जलाभिषेक और विशेष पूजा-अर्चना के लिए श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रहीं, वहीं प्रशासन ने भी व्यापक सुरक्षा प्रबंध किए हैं तथा प्रमुख मंदिरों व कांवड़ मार्गों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है।
जयपुर के ताड़केश्वर महादेव मंदिर में उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर की परंपरा के दर्ज पर तड़के चार बजे विशेष भस्म आरती का आयोजन किया गया और गलता तीर्थ पर हजारों श्रद्धालु रविवार देर रात से ही पहुंचने लगे जहां उन्होंने कुंड में स्नान किया, कांवड़ में जल भरा और पूजा-अर्चना के उपरांत अपने-अपने क्षेत्रों के शिवालयों के लिए रवाना हुए।
कांवड़ यात्राओं में युवाओं और बच्चों ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया। श्रद्धालु हाथों में केसरिया ध्वज और तिरंगा लिए ‘हर-हर महादेव’ तथा ‘बम-बम भोले’ के जयघोष करते हुए आगे बढ़ते रहे।
रविवार को गलता तीर्थ से जयपुर के बरकत नगर स्थित रामेश्वरम शिवालय तक भव्य कांवड़ एवं कलश यात्रा निकाली गई। यात्रा के संयोजक मनीष भार्गव के अनुसार, 11वीं वार्षिक यात्रा में 300 से अधिक महिला और पुरुष श्रद्धालुओं ने भाग लिया।
झारखंड महादेव मंदिर में भी दर्शन और जलाभिषेक के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे जहां सोमवार को मंदिर के बाहर लगभग दो किलोमीटर लंबी कतार लगी रही।
ऐतिहासिक ताड़केश्वर महादेव मंदिर के पुजारी शक्ति व्यास ने बताया कि मंदिर के कपाट तड़के तीन बजकर 45 मिनट पर खोले गए। इसके बाद भगवान शिव का अभिषेक कर विशेष भस्म आरती की गई।
उन्होंने बताया कि तड़के चार बजकर 30 मिनट पर भगवान शिव का देसी गाय के 51 किलोग्राम घी तथा 151 किलोग्राम दूध, दही, शहद और शक्कर से महाभिषेक किया गया। मंगल आरती के दौरान भगवान शिव का विशेष श्रृंगार भी किया गया।
जोधपुर, उदयपुर, कोटा, अजमेर, अलवर सहित प्रदेश के अन्य जिलों के शिवालयों में भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। मंदिरों में जलाभिषेक, रुद्राभिषेक और अन्य विशेष धार्मिक अनुष्ठान संपन्न हुए।
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ और कांवड़ यात्राओं को देखते हुए जयपुर पुलिस ने व्यापक सुरक्षा प्रबंध किए हैं। प्रमुख शिवालयों और कांवड़ मार्गों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।
संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी के लिए ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों का उपयोग किया जा रहा है। प्रमुख मंदिरों में अवरोधक, प्रवेश और निकास के लिए अलग-अलग मार्ग, वाहन पार्किंग की समुचित व्यवस्था तथा अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है।
पुलिस आयुक्त सचिन मित्तल ने अधिकारियों को संवेदनशील स्थानों पर लगातार निगरानी बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। सुरक्षा व्यवस्था के तहत छह विशेष पुलिस दल भी तैनात किए गए हैं।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, श्रद्धालुओं की सुगम आवाजाही और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरे सावन माह के दौरान प्रमुख शिवालयों तथा कांवड़ मार्गों की निगरानी ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से निरंतर की जाएगी।
भाषा बाकोलिया रंजन खारी
खारी

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