नए कानूनों के तहत न्यायाधिकरणों के 248 सदस्यों का कार्यकाल बढ़ाया गया : केंद्र ने न्यायालय को बताया

नए कानूनों के तहत न्यायाधिकरणों के 248 सदस्यों का कार्यकाल बढ़ाया गया : केंद्र ने न्यायालय को बताया

नए कानूनों के तहत न्यायाधिकरणों के 248 सदस्यों का कार्यकाल बढ़ाया गया : केंद्र ने न्यायालय को बताया
Modified Date: September 8, 2026 / 05:57 pm IST
Published Date: September 8, 2026 5:57 pm IST

नयी दिल्ली, आठ सितंबर (भाषा) केंद्र सरकार ने मंगलवार को उच्चतम न्यायालय को सूचित किया कि विभिन्न न्यायाधिकरणों के कुल 248 सदस्यों को ‘न्यायाधिकरण सुधार अधिनियम-2026’ के तहत कार्यकाल बढ़ाने के योग्य पाया गया है और उनकी सेवा में विस्तार किया जा रहा है।

सरकार ने कहा कि न्यायाधिकरण के नए कानून के तहत योग्य पाए गए सदस्य तब तक अपने पद पर बने रहेंगे, जब तक वे तय पांच साल का कार्यकाल पूरा नहीं कर लेते या अधिकतम आयु सीमा तक नहीं पहुंच जाते।

प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ ने इस तथ्य पर संज्ञान लिया कि राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी)के तीन सदस्य – दो न्यायिक और एक तकनीकी- आज अपना पद छोड़ रहे हैं और इससे अधिकरण के कामकाज पर विपरीत असर पड़ेगा।

पीठ ने अंतरिम उपाय के तौर पर एनजीटी के तीन सदस्यों का कार्यकाल तब तक के लिए बढ़ा दिया, जब तक उनके पदों पर नई नियुक्तियां नहीं हो जातीं।

न्यायालय ने कहा, ‘‘हमने एनजीटी के उन तीन सदस्यों के मामलों पर संज्ञान लिया, जिनका कार्यकाल आज समाप्त हो रहा है। भले ही उम्र की सीमा की वजह से इन सदस्यों का कार्यकाल आगे न बढ़ाया जा सके, लेकिन अटॉर्नी जनरल का कहना है कि नए सदस्यों की नियुक्ति के लिए चयन प्रक्रिया बहुत जल्द पूरी होगी।’’

पीठ ने कहा, ‘‘यह सुनिश्चित करने के लिए कि एनजीटी के दैनिक कामकाज पर नकारात्मक प्रभाव न पड़े, हम निर्देश देते हैं कि जब तक उनकी जगह नई नियुक्तियां नहीं हो जातीं, तब तक तीन सदस्य अंतरिम तौर पर काम करते रहें।’’

अन्य न्यायाधिकरणों के मामले में पीठ ने केंद्र से कहा कि वह 2026 के अधिनियम के तहत नियुक्ति के मुद्दे पर बिना किसी देरी के कार्रवाई करे।

सुनवाई के दौरान, अटॉर्नी जनरल ने पीठ को सूचित किया कि नए कानून की धारा 24 के तहत अलग-अलग न्यायाधिकरणों के 248 सदस्यों को सेवा विस्तार देने के योग्य पाया गया है।

उन्होंने बताया कि इनमें से 229 सदस्यों के लिए कार्यकाल बढ़ाने के आदेश पहले ही जारी किए जा चुके हैं, जबकि बाकी 19 सदस्यों के लिए आदेश मंगलवार को जारी किए जा रहे हैं।

इसके बाद पीठ ने रिकॉर्ड पर दर्ज किया कि योग्य सदस्य तब तक अपने पद पर बने रहेंगे जब तक वे नयी व्यवस्था के तहत तय पांच साल का कार्यकाल पूरा नहीं कर लेते या लागू अधिकतम आयु सीमा तक नहीं पहुंच जाते।

न्यायालय ने कहा, ‘‘इसके मद्देनजर भारत सरकार को इन दो शर्तों के साथ समय-सीमा बढ़ाने का औपचारिक आदेश जारी करना चाहिए।’’

यह मामला 19 मई के उस आदेश के बाद सामने आया था, जिसमें न्यायालय ने न्यायाधिकरण के चेयरपर्सन, अध्यक्ष और सदस्यों का कार्यकाल आठ सितंबर तक बढ़ा दिया था। ऐसा इसलिए किया गया था ताकि न्यायाधिकरण का कामकाज न रुके, क्योंकि इन लोगों का कार्यकाल उस तारीख से पहले ही समाप्त होने वाला था।

भाषा धीरज माधव

माधव


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