तेजपुर विवि: कुलपति के खिलाफ जांच रिपोर्ट सौंपे जाने के बावजूद शिक्षा मंत्रालय की चुप्पी पर उठे सवाल

तेजपुर विवि: कुलपति के खिलाफ जांच रिपोर्ट सौंपे जाने के बावजूद शिक्षा मंत्रालय की चुप्पी पर उठे सवाल

तेजपुर विवि: कुलपति के खिलाफ जांच रिपोर्ट सौंपे जाने के बावजूद शिक्षा मंत्रालय की चुप्पी पर उठे सवाल
Modified Date: August 23, 2026 / 04:40 pm IST
Published Date: August 23, 2026 4:40 pm IST

गुवाहाटी, 23 अगस्त (भाषा) तेजपुर विश्वविद्यालय शिक्षक संघ (टीयूटीए) ने रविवार को कहा कि कुलपति शंभूनाथ सिंह के खिलाफ अनियमितताओं के आरोपों की जांच के लिए गठित समिति द्वारा मई में रिपोर्ट सौंपे जाने के बावजूद केंद्र की ओर से अब तक कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है।

टीयूटीए ने एक बयान में कहा कि शिक्षा मंत्रालय ने 31 दिसंबर 2025 को उच्चस्तरीय जांच समिति गठित की थी। मंत्रालय ने सिंह को जांच पूरी होने तक सभी जिम्मेदारियों से अलग रहने और अवकाश पर जाने का निर्देश दिया था।

इसके बाद, ‘विजिटर’ ने अमरेंद्र कुमार दास को ‘प्रो वाइस चांसलर’ (उप कुलपति) नियुक्त किया जिन्होंने सात जनवरी को कार्यभार संभाला। इसके बाद छात्रों और अन्य पक्षों के करीब चार महीने तक चले तीव्र विरोध-प्रदर्शनों के बाद विश्वविद्यालय का शैक्षणिक और प्रशासनिक कामकाज धीरे-धीरे सामान्य हो गया।

टीयूटीए ने कहा, “जांच तीन महीने के भीतर पूरी होने की उम्मीद थी। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, समिति ने अंततः मई 2026 में अपनी रिपोर्ट शिक्षा मंत्रालय को सौंप दी।”

इसने कहा कि हालांकि, विश्वविद्यालय को अब तक कोई अंतिम निर्णय नहीं बताया गया है जिससे समिति की सिफारिशों, सक्षम प्राधिकारी द्वारा की गई कार्रवाई और सिंह की वर्तमान आधिकारिक स्थिति को लेकर सवालों का जवाब नहीं मिल पाया है।

शिक्षक संघ ने कहा कि जांच रिपोर्ट पर लंबे समय से जारी चुप्पी चिंता का विषय है और शिक्षा मंत्रालय से मामले को जल्द निष्कर्ष तक पहुंचाने का आग्रह किया।

छात्रों के नेतृत्व में तेजपुर विश्वविद्यालय के सभी पक्षों ने पिछले साल सितंबर के मध्य से साढ़े तीन महीने तक विरोध प्रदर्शन किया था।

प्रदर्शनकारियों ने सिंह और विश्वविद्यालय प्रशासन पर असम के लोकप्रिय गायक जुबिन गर्ग के निधन पर राज्य में शोक के दौरान उनके प्रति उचित सम्मान नहीं दिखाने का आरोप लगाया था।

इसके अलावा, वित्तीय अनियमितताओं तथा सिंह के कार्यकाल में परिसर में कथित तौर पर पेड़ों की कटाई और पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने के आरोपों को लेकर भी विरोध हुआ था।

सिंह ने 22 सितंबर 2025 को परिसर से दूरी बना ली थी। टीयूटीए के अनुसार, वह 24 सितंबर 2025 से परिसर से बाहर हैं।

शिक्षक संघ ने कहा कि सात अगस्त को शिक्षा मंत्रालय के एक पत्र में विश्वविद्यालय को सिंह का वेतन जारी रखने की सलाह दी गई थी और कहा गया था कि “रिपोर्ट तथा उस पर की गई कार्रवाई के बाद अंतिम समायोजन किया जा सकता है।”

टीयूटीए ने लंबे समय तक ड्यूटी से दूर रहने के बावजूद पूरा वेतन देने के कानूनी आधार पर सवाल उठाया।

टीयूटीए अध्यक्ष कुसुम के. बनिया ने कहा कि लागू नियमों के तहत कुलपति के लिए अवकाश की अवधि सीमित है। ऐसे में लंबे समय से ड्यूटी से दूर रहने के कारण यह सवाल उठता है कि उनके हिस्से का अनुमन्य अवकाश कहीं समाप्त तो नहीं हो गया।

उन्होंने कहा, “जांच रिपोर्ट मई से ही मंत्रालय के पास है। विश्वविद्यालय से यह अपेक्षा नहीं की जा सकती कि वह बिना किसी निर्णय या कार्रवाई की जानकारी के अनिश्चितकाल तक इंतजार करता रहे। मंत्रालय को अब इस मामले में जल्द अंतिम निर्णय लेना चाहिए।”

टीयूटीए ने भी जांच समिति की रिपोर्ट पर शीघ्र निर्णय लेने और मामले का निपटारा करने की मांग की।

भाषा खारी दिलीप

दिलीप


लेखक के बारे में