नयी दिल्ली, 12 जनवरी (भाषा) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को कहा कि भारत का ‘जेन जी’ सृजनात्मकता और ऊर्जा से भरा हुआ है और उसे जोखिम लेने से पीछे नहीं हटना चाहिये, क्योंकि सरकार को उसके सामर्थ्य पर पूरा भरोसा है
‘विकसित भारत युवा नेतृत्व संवाद’ के समापन समारोह में देश विदेश से आये युवाओं को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘‘ बहुत कम समय में यह संवाद इतना बड़ा मंच बन गया है, जहां देश के विकास की दिशा तय करने में युवाओं की सीधी भागीदारी होती है ।’’
उन्होंने कहा ,‘‘ दुनिया के अनेक देशों में थिंकटैंक शब्द प्रचलित है । इसकी चर्चा होती है और इसका प्रभाव भी बहुत होता है । मैंने आज जो प्रेजेंटेशन देखे और जिस तरह से कड़ी प्रतिस्पर्धाओं के बाद आप यहां तक आये हैं, इसने दुनिया में अनोखी थिंकटैंक के रूप में जगह बनाई है ।’’
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा ,‘‘ जिन विषयों पर आपने चर्चा की है, खासकर महिला नीति विकास और लोकतंत्र में युवाओं की भागीदारी जैसे गंभीर विचारों पर प्रस्तुति प्रशंसनीय है। यह दिखाता है कि भारत में जेन जी का मिजाज क्या है। भारत का जेन जी कितनी सृजनात्मकता से भरा हुआ है ।’’
उन्होंने कहा, ‘‘कोई भी क्षेत्र हो, आपके लिये अनंत संभावनाओं के द्वार खुल रहे हैं । आप अपने सुझावों के साथ आगे बढिये, जोखिम लेने से पीछे मत हटिये । सरकार कंधे से कंधा मिलाकर आपके साथ चल रही है। पिछले एक दशक में जो रिफॉर्म की शुरूआत हमने की है, वह रिफॉर्म एक्सप्रेस बन गई है और उसके केंद्र में युवाशक्ति है।’’
उन्होंने कहा कि 12 जनवरी को स्वामी विवेकानंद की जयंती ‘राष्ट्रीय युवा दिवस’ के रूप में मनाई जाती है और ‘राष्ट्र सर्वप्रथम’ की भावना के साथ जीने के लिये उनका जीवन प्रेरणास्पद है ।
उन्होंने कहा ,‘‘ स्वामी विवेकानंद के विचार आज भी हर युवा के लिये प्रेरणा हैं । हमारे जीवन का लक्ष्य क्या है, कैसे हम राष्ट्र सर्वप्रथम की भावना के साथ अपना जीवन जियें । इस दिशा में स्वामी विवकानंद का जीवन हमारे लिये प्रेरक है। उनका स्मरण करते हुए हम हर साल 12 जनवरी को राष्ट्रीय युवा दिवस मनाते हैं और इस दिन को भी विकसित भारत युवा संवाद के लिये चुना गया है।’’
उन्होंने कहा कि पिछले एक दशक में उनकी सरकार ने ‘स्टार्टअप’ और ‘डिजिटल क्रांति’ के जरिये युवाओं के लिये असीम अवसर पैदा किये और इस दिशा में लगातार काम कर रही है ।
उन्होंने कहा,‘‘ हमें युवाओं के सामर्थ्य पर भरोसा है, इसलिये हमने पिछली सरकारों से अलग राह चुनी, जिससे स्टार्टअप क्रांति ने गति पकड़ी। स्टार्टअप इंडिया, डिजिटल इंडिया जैसी पहल की गई। ऐसे क्षेत्र जहां पहले सिर्फ सरकार की चलती थी, उन्हें युवा उद्यमियों के लिये खोला गया ।’’
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘‘ आपने 2014 से पहले का दौर नहीं देखा, जब उस समय की सरकार की सही समय पर फैसले नहीं लेने के लिये आलोचना होती थी । नियम कायदे ऐसे थे कि नौजवान कुछ नया करने के बार में सोच भी नहीं सकता था।’’
उन्होंने कहा कि दुनिया में 50 से 60 साल पहले ‘स्टार्टअप’ शुरू हुआ, लेकिन भारत में 2014 से पहले हर क्षेत्र में सरकार का दखल था और 500 से भी कम पंजीकृत ‘स्टार्टअप’ थे ।
उन्होंने कहा, ‘‘ अंतरिक्ष और रक्षा जैसे क्षेत्रों को भी उनकी सरकार ने निजी उद्यम के लिये खोला और आज अंतरिक्ष में 300 से अधिक, जबकि रक्षा क्षेत्र में 1000 से अधिक स्टार्टअप काम कर रहे हैं ।’’
उन्होंने कहा ,‘‘ पहले हमारे यहां ड्रोन बनाना या उड़ाना कानूनों के जाल में फंसा हुआ था और इसे केवल सुरक्षा के नजिरये से देखा जाता था। हमने नियम आसान किये, नये नियम बनाये, जिससे युवाओं को ड्रोन से जुड़ने का मौका मिला है।’’
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि ‘डिजिटल इंडिया’ ने गेमिंग, मनोरंजन, फिल्म निर्माण जैसे कई क्षेत्रों में क्रांति ला दी है ।
उन्होंने युवाओं से रामायण और महाभारत समेत भारत की पौराणिक कथाओं को गेमिंग की दुनिया में लाने का आग्रह करते हुए कहा ,‘‘ क्या रामायण, महाभारत समेत हमारी पौराणिक कहानियों को गेमिंग में ले जा सकते हैं । यह बहुत बड़ा मार्केट है। हमारे हनुमान जी पूरी दुनिया की गेमिंग को चला सकते हैं। इससे हमारी संस्कृति का भी प्रचार होगा ।’’
उन्होंने कहा कि दुनिया भर में जहां कार्यबल घट रहा है, उनकी सरकार का प्रयास है कि भारत के युवा दुनिया भर में अवसरों के लिये तैयार हो, जिसके लिये कौशल क्षेत्र में भी सुधार किया जा रहा है ।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि लॉर्ड मैकाले द्वारा भरी गई गुलामी की मानसिकता से उबरकर युवाओं को भारतीय साजो-सामान के प्रति गौरव के अनुभव के साथ दुनिया भर से सीखना होगा ।
उन्होंने कहा, ‘‘अपने सामर्थ्य, अपनी विरासत, अपने साजो-सामान पर गौरव का अभाव हमें खलता है। लॉर्ड मैकाले का लक्ष्य ऐसी पीढी को तैयार करना था, जो मानसिक तौर पर गुलाम हो। इससे भारतीयों में अपने साजो-सामान के प्रति हीन भावना पनपी और सिर्फ विदेशी को श्रेष्ठता की गारंटी मान लिया।’’
उन्होंने कहा, ‘‘दस साल बाद मैकाले के उस पाप को सौ साल पूरे हो रहे हैं, जिसे धोने के लिये हमारे पास दस साल हैं। मुझे भरोसा है कि यह पीढी उस पाप को धोकर रहेगी।’’
उन्होंने कहा कि हमारे शास्त्रों में कहा गया है कि सभी दिशाओं से कल्याणकारी विचारों को लें और अपनी विरासत या सुझावों को कमतर आंके बिना हमें दुनिया भर से सीखना है ।’’
उन्होंने कहा ,‘ स्वामी विवेकानंद का जीवन हमें इसी की प्रेरणा देता है । वह एक बेहतर भारत बनाना चाहते थे और उसी भावना के साथ युवाओं का आगे बढना है।’’
उन्होंने कहा कि इसके साथ ही फिटनेस पर भी ध्यान देना है और खेलना तथा खिलखिलाना है ।
प्रधानमंत्री मोदी ने ‘राष्ट्रीय युवा संवाद’ को प्रदेश और बाद में जिला स्तर पर भी शुरू करने का आग्रह किया ।
‘विकसित भारत युवा नेतृत्व संवाद’ भारत के युवाओं को नेतृत्व के लिये तैयार करने का राष्ट्रीय मंच है। नौ से 12 जनवरी तक भारत मंडपम में आयोजित इस संवाद में विभिन्न स्तर पर देश भर के 50 लाख से अधिक युवाओं ने भाग लिया ।
राष्ट्रीय डिजिटल क्विज, निबंध लेखन और प्रदेश स्तरीय ‘विजन प्रजेंटेशन’ समेत तीन स्तर की चयन प्रक्रिया के बाद तीन हजार युवा यहां पहुंचे ।
भाषा
मोना दिलीप
दिलीप