न्यायालय प्रदूषण संबंधी याचिका पर तीन दिसंबर को करेगा सुनवाई

न्यायालय प्रदूषण संबंधी याचिका पर तीन दिसंबर को करेगा सुनवाई

न्यायालय प्रदूषण संबंधी याचिका पर तीन दिसंबर को करेगा सुनवाई
Modified Date: November 27, 2025 / 12:36 pm IST
Published Date: November 27, 2025 12:36 pm IST

नयी दिल्ली, 27 नवंबर (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में लगातार खराब होती वायु गुणवत्ता से संबंधित एक याचिका पर तीन दिसंबर को सुनवाई करने पर बृहस्पतिवार को सहमति जताई। न्यायालय ने कहा कि इस मुद्दे की नियमित रूप से निगरानी की आवश्यकता है।

प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ ने वरिष्ठ अधिवक्ता अपराजिता सिंह के उस अभ्यावेदन पर गौर किया कि ‘‘दिल्ली-एनसीआर में चिंताजनक स्थिति है और यह एक स्वास्थ्य आपातकाल है।’’

अधिवक्ता अपराजिता सिंह वायु प्रदूषण मामले में पीठ के लिए न्यायमित्र की भूमिका निभा रही हैं।

प्रधान न्यायाधीश ने कहा, ‘‘एक न्यायिक मंच कौन-सी जादुई छड़ी घुमा सकता है? मुझे पता है कि यह दिल्ली-एनसीआर के लिए खतरनाक स्थिति है। हम सब समस्या जानते हैं। मुद्दा यह है कि समाधान क्या है? हमें कारणों की पहचान करनी होगी और… समाधान तो केवल विशेषज्ञ ही दे सकते हैं। हमें उम्मीद है और अपेक्षा भी कि दीर्घकालिक समाधान खोजे जाएंगे।’’

उन्होंने कहा, ‘‘ मुझे बताइए कि हम क्या निर्देश दे सकते हैं? हम कुछ दिशानिर्देश जारी करें और तुरंत साफ हवा में सांस लेने लगें…। हमें यह भी देखना होगा कि प्रत्येक क्षेत्र में क्या समाधान हो सकते हैं। आइए देखें कि सरकार ने क्या समिति गठित की है…।

न्यायालय ने 19 नवंबर को वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) से कहा था कि वह दिल्ली-एनसीआर के स्कूलों को नवंबर-दिसंबर में निर्धारित, खुले में होने वाले खेल आयोजनों को जहरीली हवा को देखते हुए स्थगित करने का निर्देश देने पर विचार करे।

न्यायालय ने ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रैप) के तहत सालभर पाबंदियां लगाने से इनकार कर दिया था। ग्रैप एक आपातकालीन ढांचा है जिसके तहत प्रदूषण के गंभीर स्तर पर कुछ गतिविधियों पर रोक लगाई जाती है। न्यायालय ने इसके बजाय दीर्घकालिक और टिकाऊ समाधान खोजने की आवश्यकता पर जोर दिया था।

भाषा शोभना नरेश

नरेश


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