बाराबंकी, 10 फरवरी (भाषा) उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को कहा कि ‘कयामत’ का दिन कभी नहीं आने वाला है और इसलिए बाबरी ढांचा भी कभी दोबारा नहीं बनेगा।
आदित्यनाथ ने बाराबंकी में एक कार्यक्रम में कहा, ‘हमने कहा था कि रामलला हम आएंगे, मंदिर वहीं बनाएंगे’। मंदिर बन गया है। क्या कोई शक है?’
उन्होंने कहा, ‘ ‘कयामत’ का दिन कभी आना ही नहीं है और इसलिए बाबरी ढांचे का पुनर्निर्माण भी कभी होना ही नहीं है। जो लोग कयामत के दिन के आने का सपना देख रहे हैं, वे ऐसे ही सड़-गल जाएंगे। कभी वह वक्त नहीं आने वाला है।’
श्रीराम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद मामले में उच्चतम न्यायालय ने नौ नवंबर 2019 को फैसला देते हुए अयोध्या में विवादित स्थल पर राम मंदिर का निर्माण करने और मुसलमानों को मस्जिद के निर्माण के लिए अयोध्या में किसी प्रमुख स्थान पर पांच एकड़ जमीन देने का आदेश दिया था।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जनवरी 2024 में मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा की थी। वहीं, दूसरी ओर मुस्लिम पक्ष को अयोध्या के धन्नीपुर गांव में दी गई पांच एकड़ की जमीन पर अभी तक कोई भी निर्माण नहीं हो सका है।
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘अयोध्या में 500 वर्षों के बाद वह गौरवशाली क्षण (राम मंदिर का निर्माण) हमारे सामने आया। इन 500 वर्षों में अनेक राजा-महाराजा आये, अनेक सरकारें आयीं। वर्ष 1947 में भारत आजाद हुआ और 1952 में पहले चुनाव के बाद सरकारें बनती गईं मगर अयोध्या में भगवान राम का उनकी जन्म भूमि पर मंदिर निर्माण कराने की बात आखिर उनके मन में क्यों नहीं आई।’
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता ने विरोधी दलों पर निशाना साधते हुए कहा, ‘कुछ लोग हैं जो अवसरवादी रवैया अपनाते हैं। जब संकट आता है तब राम याद आते हैं और बाकी समय राम को भूल जाते हैं इसलिए भगवान राम भी अब उनको भूल चुके हैं। अब उनकी नैया कभी पार नहीं होगी, यानी रामद्रोहियों के लिए अब कोई जगह नहीं है।’
आदित्यनाथ ने कहा, ‘जो लोग राम भक्तों पर गोलियां चला रहे थे, रामकाज में बाधक थे और जो लोग अभी सपना देख रहे हैं बाबरी ढांचे का, उनको हम बता देना चाहते हैं कि कयामत का दिन कभी नहीं आने वाला है।’
भाषा
अरूणव, जफर, सलीम रवि कांत