केरल ने बुजुर्गों के कल्याण पर केंद्रित नयी नीति को मंजूरी दी

Ads

केरल ने बुजुर्गों के कल्याण पर केंद्रित नयी नीति को मंजूरी दी

  •  
  • Publish Date - February 11, 2026 / 07:50 PM IST,
    Updated On - February 11, 2026 / 07:50 PM IST

तिरुवनंतपुरम, 11 फरवरी (भाषा) केरल सरकार ने बुधवार को नयी वृद्धजन नीति को मंजूरी दी। माना जा रहा है कि यह किसी भी राज्य द्वारा लाई गई पहली ऐसी नीति है, जो बुजुर्ग नागरिकों की गरिमा और कल्याण की सुरक्षा के लिए समावेशी और समानता पर आधारित ढांचा तय करती है।

यह नीति इसलिए विशेष महत्व रखती है क्योंकि राज्य में बुजुर्गों की आबादी लगातार बढ़ रही है और वर्तमान में यह कुल जनसंख्या का 16.5 प्रतिशत है—जो देश में सबसे अधिक और सबसे तेजी से बढ़ने वाला अनुपात है। यह आंकड़ा 2036 तक बढ़कर कुल आबादी का 23 प्रतिशत होने की संभावना है।

राज्य की सामाजिक कल्याण और उच्च शिक्षा मंत्री आर बिंदु ने कहा कि यह नीति सक्रिय और स्वस्थ वृद्धावस्था को बढ़ावा देगी और राज्य में बुजुर्गों के सामाजिक तथा मानसिक कल्याण को सुनिश्चित करेगी।

बिंदु ने यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा कि यह नीति स्थानीय स्वशासी संस्थाओं, स्वास्थ्य कर्मियों और गैर-सरकारी संगठनों के सहयोग से समेकित देखभाल सुविधाओं को मजबूत करेगी।

नीति के प्रमुख बिंदुओं में आजीवन स्वास्थ्य निगरानी एवं प्रबंधन प्रणाली शामिल हैं।

यह नीति वृद्धावस्था को कमजोरी के चरण के रूप में नहीं, बल्कि निरंतर विकास, योगदान और आत्म-अवलोकन के दौर के रूप में देखने का प्रयास करती है, और समाज में बुजुर्गों के निरंतर योगदान को सुनिश्चित करने की बात करती है।

यह नीति असंगठित क्षेत्र के बुजुर्ग कामगारों के लिए बीमा कवरेज, सामाजिक देखभाल केंद्रों की स्थापना, और बुजुर्गों की देखभाल करने वालों के लिए प्रशिक्षण की व्यवस्था करती है।

नयी नीति घरों और सार्वजनिक स्थानों सहित सभी इमारतों में बुजुर्गों के लिए अनुकूल सुविधाओं को भी अनिवार्य बनाती है। इसका उद्देश्य बुजुर्गों की सुरक्षा के लिए मौजूदा कानूनों को मजबूत करना है ताकि उनके खिलाफ अत्याचारों को रोका जा सके।

नीति बुजुर्गों के बीच डिजिटल साक्षरता में सुधार करने और उनके जीवन को आसान बनाने के लिए नयी तकनीकी प्रगति में उन्हें प्रशिक्षित करने की आवश्यकता पर भी जोर देती है। इसमें बुजुर्गों के लिए प्रौद्योगिकी प्रशिक्षण सत्र और इंटर्नशिप कार्यक्रम भी प्रस्तावित हैं।

भाषा आशीष संतोष

संतोष