नयी दिल्ली, 14 मार्च (भाषा) दिल्ली के जल मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने शनिवार को बताया कि सरकार शहर के निवासियों को जल संकट से राहत देने के लिए एक व्यापक जल योजना तैयार कर रही है, जिसमें निजी कंपनियों को शामिल करने का प्रावधान होगा।
योजना के तहत, शहर की बढ़ती जनसंख्या को ध्यान में रखते हुए मौजूदा बुनियादी ढांचे और भविष्य के विस्तार का अध्ययन किया जाएगा।
सिंह ने कहा, “जल क्षेत्र से जुड़ी चुनौतियों के समाधान के लिए समग्र दृष्टिकोण की जरूरत है, इसलिए पहली बार व्यापक जल योजना पेश की जाएगी। इसके लिए हमने एक परामर्शदाता कंपनी को नियुक्त किया है, जो जल स्रोतों, भविष्य की जरूरतों, पाइपलाइन रखरखाव और अन्य पहलुओं का अध्ययन कर रही है।”
योजना का एक अन्य पहलू दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी) के वितरण नेटवर्क का विकेंद्रीकरण और निजीकरण होगा।
बयान के अनुसार, मंत्री ने कहा कि अगले एक वर्ष के भीतर डीजेबी के मौजूदा आठ कमांड सेंटर के प्रबंधन के लिए बड़ी निजी कंपनियों को आमंत्रित करते हुए निविदाएं जारी की जाएंगी। उन्होंने कहा कि भविष्य में इन कंपनियों को अलग-अलग जोन दिए जाएंगे और वे उन क्षेत्रों में सभी प्रमुख संचालन के प्रबंधन की जिम्मेदारी संभालेंगी।
योजना के तहत प्रत्येक कंपनी को पुरानी जल पाइप की मरम्मत और उन्हें बदलने, बिलिंग और राजस्व संग्रह तथा नियमित जल आपूर्ति सुनिश्चित करने का कार्य सौंपा जाएगा।
एक अधिकारी ने बताया कि डीजेबी ने पहले ही चंद्रावल जल शोधन संयंत्र के कमांड सेंटर के तहत जल आपूर्ति ढांचे में सुधार का काम शुरू कर दिया है, जिसमें पुरानी लाइनों को बदलना, घरों में जल कनेक्शन उपलब्ध कराना और भूमिगत जलाशयों को उन्नत करना शामिल है।
उन्होंने कहा कि पूर्व, उत्तर-पूर्व, पश्चिम और दक्षिण-पश्चिम जोन के लिए भी जल्द ही निविदाएं जारी की जाएंगी, जिनके लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार की जा रही है।
भाषा राखी दिलीप
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