नई दिल्ली। Dr. Abdul Majeed Hakim Elahi पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष को लेकर भारत में ईरान के सर्वोच्च नेता के प्रतिनिधि डॉ. अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने कहा है कि ईरान की मंशा कभी युद्ध की नहीं रही। उनका कहना है कि ईरान विवाद का हल बातचीत के जरिए निकालना चाहता था, लेकिन वार्ता के दौरान ही उस पर हमला कर दिया गया, जिसके बाद हालात बिगड़ते चले गए।
एएनआई को दिए इंटरव्यू में डॉ. इलाही ने कहा कि क्षेत्र में पैदा हुई मौजूदा स्थिति के लिए ईरान को जिम्मेदार ठहराना सही नहीं है। उनके मुताबिक यह संकट दूसरे पक्ष की कार्रवाई का परिणाम है। उन्होंने कहा कि ईरान नहीं चाहता कि किसी भी देश के लोग गैस, पेट्रोल या तेल जैसी जरूरी चीजों की कमी से परेशान हों। डॉ. इलाही ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से हस्तक्षेप की अपील करते हुए कहा कि विश्व नेताओं को आगे आकर स्थिति को शांत कराने की कोशिश करनी चाहिए। उन्होंने विशेष रूप से संयुक्त राज्य अमेरिका पर दबाव बनाने की बात कही, ताकि युद्ध को रोका जा सके।
Dr. Abdul Majeed Hakim Elahi न्यूज एजेंसी ANI को दिए एक इंटरव्यू में इलाही ने कहा कि हमारे पास युद्ध का अनुभव है। हमने पहले आठ वर्षों तक ईरान और इराक के बीच चले युद्ध का सामना किया है। अगर आप ईरान की सड़कों पर जाएंगे तो देखेंगे कि लोग जवाबी कार्रवाई के समर्थन में नारे लगा रहे हैं। वे कह रहे हैं कि हम अपना खून देने के लिए तैयार हैं, लेकिन अपनी जमीन नहीं देंगे।’
इलाही ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस दावे को खारिज कर दिया, जिसमें कहा गया था कि तेहरान बातचीत करना चाहता है। उन्होंने कहा, ‘नहीं, कभी नहीं। इस समय ईरान उनसे बातचीत नहीं करना चाहता, क्योंकि यह युद्ध उन्होंने ही शुरू किया है। हमारे साथ उनका अनुभव अच्छा नहीं रहा। हम दो बार उनके साथ बातचीत कर रहे थे और उसी दौरान उन्होंने हम पर हमला कर दिया।’
ईरान के सर्वोच्च नेता के भारत में प्रतिनिधि डॉ. अब्दुल मजीद हकीम इलाही से पूछा गया कि क्या भारतीय जहाजों को होर्मुज जलडमरूमध्य से निर्बाध आवागमन की अनुमति दी जाएगी, तो उन्होंने जवाब दिया- हां। उन्होंने कहा, “मैंने सुना है कि हमारे दूतावास ने कुछ भारतीय जहाजों को होर्मुज जलडमरूमध्य पार करने का अवसर देने की कोशिश की थी। मैं कह सकता हूं कि ज़्यादातर भारतीयों का दिल ईरान के साथ है। मैं यह भी कह सकता हूं कि वे युद्ध के खिलाफ हैं। मैं यह भी कह सकता हूं कि वे युद्ध के खिलाफ हैं। हमने ईरान में अपने लोगों को भारत में अपने भाइयों और बहनों की एकजुटता के बारे में बताया। हमने उन्हें यह भी बताया कि अब वे गैस और पेट्रोल की कमी से जूझ रहे हैं, और उनकी मदद और सपोर्ट करें। हमारी एम्बेसी ने भी इस मुद्दे पर मदद करने और भारत में हमारे प्यारे भाइयों और बहनों के लिए समस्या को हल करने की कई बार कोशिश की।”
#WATCH | Delhi | On being asked if Iran will make any concessions for India at the Strait of Hormuz, Dr Abdul Majid Hakeem Ilahi, representative of Iran’s Supreme Leader in India, says in an interview to ANI, “I can say that for the majority of Indians, their hearts are with… pic.twitter.com/0bhqEyWLje
— ANI (@ANI) March 14, 2026