डीएफएस को इस साल छह सितंबर तक इमारतों से जुड़ी घटनाओं की 330 सूचनाएं मिलीं, 30 लोगों की मौत हुई

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डीएफएस को इस साल छह सितंबर तक इमारतों से जुड़ी घटनाओं की 330 सूचनाएं मिलीं, 30 लोगों की मौत हुई

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  • Publish Date - September 8, 2026 / 07:51 PM IST,
    Updated On - September 8, 2026 / 07:51 PM IST

नयी दिल्ली, आठ सितंबर (भाषा) राष्ट्रीय राजधानी में इस साल एक जनवरी से छह सितंबर के बीच इमारतों से जुड़ी घटनाओं के संबंध में दिल्ली अग्निशमन सेवा (डीएफएस) को 330 से ज्यादा सूचनाएं मिली और इन घटनाओं में 30 लोगों की मौत हो गई तथा 120 अन्य घायल हो गए। आधिकारिक आंकड़ों से यह जानकारी मिली।

‘पीटीआई-भाषा’ द्वारा प्राप्त आंकड़ों से पता चला है कि पिछले साल इसी अवधि में डीएफएस को 446 सूचनाएं मिली थीं, और मकानों से जुड़ी घटनाओं के कारण 46 लोगों की मौत हुई थी तथा 155 लोग घायल हुए थे।

डीएफएस के एक अधिकारी ने कहा कि विभाग ने जितनी सूचनाओं पर प्रतिक्रिया दी है, वे सिर्फ बड़ी इमारतों के ढहने से ही संबंधित नहीं थीं, बल्कि इनमें मामूली घटनाएं और एहतियात के तौर पर दी गई सूचनाएं भी शामिल हैं। इनमें संरचनाओं में दरारें, ईंटें गिरना, छत ढहना और भवन से संबंधित अन्य चिंताएं शामिल हैं।

पिछले साल की तुलना में इमारत से जुड़ी घटनाओं की सूचना और उनमें हताहतों होने वाले लोगों की संख्या में गिरावट आई है। मगर शहर में इस साल इमारतें ढहने और अन्य बड़ी घटनाएं देखने को मिली हैं।

आंकड़ों के मुताबिक, 30 मई को सैदुलाजाब में एक इमारत ढहने से छह लोगों की मौत हो गई थी जबकि जून में मल्कागंज के सब्जी मंडी इलाके में एक मकान ढह गया था और करावल नगर में एक चार मंजिला इमारत ढह गई थी।

तीन जून को हौज रानी में एक होटल में लगी भीषण आग में 11 विदेशी नागरिकों सहित 23 लोगों की जान चली गई थी।

नवीनतम बड़ी घटना सत्य निकेतन में हुई, जहां दिल्ली विश्वविद्यालय के दक्षिण परिसर के पास लड़कों के पेइंग गेस्ट आवास के रूप में इस्तेमाल की जा रही एक पांच मंजिला इमारत छह सितंबर को दोपहर में ढह गई।

डीएफएस के अनुसार, स्थल पर 27 घंटे से अधिक समय तक चला बचाव अभियान सोमवार शाम करीब 5.10 बजे समाप्त हो गया। मलबे से 12 लोगों को बाहर निकाला गया, जिनमें से सात की मौत हो गई।।

भाषा नोमान नोमान अविनाश

अविनाश