सरकार सभी कमर्शियल पायलट के लिए मन:प्रभावी पदार्थ परीक्षण पर विचार कर रही

सरकार सभी कमर्शियल पायलट के लिए मन:प्रभावी पदार्थ परीक्षण पर विचार कर रही

सरकार सभी कमर्शियल पायलट के लिए मन:प्रभावी पदार्थ परीक्षण पर विचार कर रही
Modified Date: August 25, 2026 / 01:48 pm IST
Published Date: August 25, 2026 1:48 pm IST

नयी दिल्ली, 25 अगस्त (भाषा) नागरिक उड्डयन मंत्री के. राममोहन नायडू ने मंगलवार को बताया कि सरकार सभी कमर्शियल पायलट का पूरे साल औचक आधार पर मन:प्रभावी पदार्थ परीक्षण कराने की संभावना पर विचार कर रही है।

नायडू ने कहा कि नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) पायलटों के मादक पदार्थ परीक्षण के मानकों को और मजबूत करने के लिए हितधारकों के साथ चर्चा कर रहा है।

उन्होंने कहा, “अभी नियमों के अनुसार पूरे पायलट नेटवर्क में 10 प्रतिशत का मादक पदार्थ परीक्षण होता है लेकिन डीजीसीए हितधारकों के साथ चर्चा कर रहा है। हमारी ओर से एक राय यह है कि सभी पायलटों का पूरे साल कभी भी औचक तरीके से परीक्षण होना चाहिए।”

उन्होंने कहा कि इस संबंध में सभी हितधारकों की प्रतिक्रिया के आधार पर आगे निर्णय लिया जाएगा।

पायलटों द्वारा संभावित रूप से मादक पदार्थों के सेवन का मुद्दा उस समय चर्चा में आया जब एअर इंडिया की फुकेत-दिल्ली उड़ान के अचानक कम ऊंचाई पर आने की घटना के बाद उसके एक पायलट की जांच में गांजा सेवन की पुष्टि हुई थी।

फिलहाल पायलटों का मादक पदार्थ परीक्षण औचक आधार पर किया जाता है।

नायडू ने कहा कि डीजीसीए मौजूदा नियमों की समीक्षा और भविष्य के लिए अधिक कड़े प्रावधान तैयार करने के वास्ते हितधारकों से परामर्श कर रहा है।

उन्होंने कहा, “इस डोप टेस्ट को लेकर कई तरीकों से आगे बढ़ा जा सकता है।”

मंत्री राष्ट्रीय राजधानी में एक कार्यक्रम से इतर पायलटों के मन:प्रभावी पदार्थ परीक्षण से जुड़े सवालों का जवाब दे रहे थे।

इस बीच, एअर इंडिया और एअर इंडिया एक्सप्रेस ने भी अपने सभी पायलटों का अनिवार्य मन:प्रभावी पदार्थ परीक्षण शुरू कर दिया है।

भाषा

राखी वैभव

वैभव


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