नए पश्चिमी विक्षोभ के कारण उत्तर भारत के कुछ हिस्सों में बारिश और बर्फबारी हुई

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नए पश्चिमी विक्षोभ के कारण उत्तर भारत के कुछ हिस्सों में बारिश और बर्फबारी हुई

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  • Publish Date - March 31, 2026 / 09:50 PM IST,
    Updated On - March 31, 2026 / 09:50 PM IST

नयी दिल्ली/चंडीगढ़, 31 मार्च (भाषा) नए पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से मंगलवार को उत्तर भारत के कुछ हिस्सों में गरज के साथ बारिश हुई जबकि हिमाचल प्रदेश के ऊंचाई वाले इलाकों में हल्की बर्फबारी जारी रही।

भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने बताया कि हरियाणा के हिसार में 7.8 मिलीमीटर (मिमी) बारिश हुई जबकि रोहतक, चरखी दादरी, गुरुग्राम, महेंद्रगढ़, पलवल और सोनीपत में क्रमशः एक मिमी, तीन मिमी, एक मिमी, आठ मिमी, 1.5 मिमी और 0.5 मिमी बारिश दर्ज की गई।

चरखी दादरी, रेवाड़ी, हिसार (हरियाणा) और फिरोजपुर (पंजाब) के कुछ इलाकों में ओलावृष्टि की भी खबरें हैं।

खबरों के अनुसार, महेंद्रगढ़ को छोड़कर राज्य में अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहा।

महेंद्रगढ़ में तापमान 28 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

पड़ोसी राज्य पंजाब के फिरोजपुर और फाजिल्का में क्रमशः 7.5 मिमी और दो मिमी बारिश हुई।

अमृतसर, लुधियाना और पटियाला में अधिकतम तापमान क्रमशः 30.4, 33.6 और 34.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जबकि फाजिल्का और फिरोजपुर में यह 33.1 और 33.2 डिग्री सेल्सियस पर स्थिर रहा।

जम्मू-कश्मीर के बारामूला जिले में भारी बारिश के कारण जलस्तर बढ़ने से एक स्कूल के छात्रावास में फंसे 30 छात्रों और चार शिक्षकों समेत कुल 34 लोगों को सेना ने मंगलवार को सुरक्षित बाहर निकाला।

इस बीच, बांदीपोरा जिले के गुरेज सेक्टर के तुलैल इलाके में हिमस्खलन की घटना भी सामने आई, हालांकि यह पहाड़ी क्षेत्र तक सीमित रही और इससे कोई नुकसान नहीं हुआ।

पिछले 48 घंटों के दौरान कश्मीर घाटी के मैदानी इलाकों में मध्यम बारिश और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी दर्ज की गई। बारामूला में पिछले 24 घंटों में 70 मिलीमीटर (मिमी) से अधिक वर्षा हुई, जो घाटी में सबसे ज्यादा रही। हंदवाड़ा के नौगाम में 58.2 मिमी, काजीगुंड में 48.6 मिमी और कुलगाम में 42.2 मिमी बारिश दर्ज की गई। श्रीनगर शहर में भी 31.6 मिमी वर्षा हुई।

मौसम विभाग के अनुसार, कश्मीर में बुधवार तक बादल छाए रहेंगे जबकि सप्ताहांत में बारिश का एक और दौर आने की संभावना है।

राष्ट्रीय राजधानी में बादल छाए रहे और दिल्लीवासियों ने बारिश का स्वागत किया। दिल्ली के लिए ‘येलो अलर्ट’ जारी किया गया था जबकि तापमान सामान्य से ऊपर बना रहा और अधिकतम तापमान 33.7 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया।

अपराह्न ढाई बजे से शाम साढ़े पांच बजे के बीच सफदरजंग में 2.1 मिमी, पालम में 2.6 मिमी, लोधी रोड में 2.8 मिमी, रिज में 2.4 मिमी और आयानगर में 2.2 मिमी बारिश दर्ज की गयी।

जनकपुरी में सबसे अधिक चार मिमी वर्षा दर्ज की गई जबकि पूसा और मयूर विहार में दो-दो मिमी और पीतमपुरा में 1.5 मिमी वर्षा हुई।

सभी स्टेशन पर अधिकतम तापमान सामान्य से लगभग अधिक रहा, सफदरजंग में 33.7 डिग्री सेल्सियस, पालम में 33.2 डिग्री सेल्सियस, लोदी रोड में 33.2 डिग्री सेल्सियस, रिज में 33.9 डिग्री सेल्सियस और आयानगर में 33.8 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया।

न्यूनतम तापमान में मामूली अंतर देखने को मिला, सफदरजंग में 19.4 डिग्री सेल्सियस, पालम में 19.6 डिग्री सेल्सियस, लोदी रोड में 18.0 डिग्री सेल्सियस, रिज में 18.4 डिग्री सेल्सियस और आयानगर में 18.6 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया।

मौसम विभाग ने बुधवार के लिए न्यूनतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस रहने का पूर्वानुमान जताया है।

आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे।

इस बीच, हिमाचल प्रदेश के ऊंचाई वाले इलाकों में हल्की बर्फबारी जारी रही।

मंगलवार सुबह तक गोंडला में चार सेंटीमीटर और केलांग में दो सेंटीमीटर बर्फ गिरी।

शिमला मौसम कार्यालय ने शुक्रवार और शनिवार के लिए 12 में से 10 जिलों (किन्नौर, लाहौल एवं स्पीति को छोड़कर) के कुछ इलाकों में गरज, बिजली गिरने और 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने का येलो अलर्ट जारी किया है।

मौसम कार्यालय ने यह भी अनुमान जताया कि दो अप्रैल से उत्तर-पश्चिम भारत में एक नए पश्चिमी विक्षोभ के आने की संभावना की वजह से राज्य में छह अप्रैल तक बारिश जारी रहेगी।

मध्य और निचले पहाड़ी क्षेत्रों के कुछ इलाकों में रुक-रुक कर बारिश हुई।

शिमला जिले के कुमारसेन में सबसे अधिक 39 मिमी बारिश हुई, इसके बाद सराहन (38.7 मिमी), धर्मशाला (27.1 मिमी), कांगड़ा (18.2 मिमी), निचर (15 मिमी), मनाली (11 मिमी), जोत (10.8 मिमी) और केलांग व गोहर (10 मिमी) में बारिश दर्ज की गई।

शिमला, कांगड़ा, सुंदरनगर, जोत, पालमपुर और भुंतर में बिजली गिरी जबकि कांगड़ा और शिलारू में ओलावृष्टि हुई।

मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, तबो और सेओबाग में 46 से 61 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलीं।

न्यूनतम और अधिकतम तापमान में कोई खास बदलाव नहीं हुआ।

लाहौल एवं स्पीति के केलांग में रात का तापमान सबसे कम 0.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि हमीरपुर के नेरी में दिन का तापमान सबसे अधिक 30.6 डिग्री सेल्सियस रहा।

हिमाचल प्रदेश में एक से 31 मार्च तक पूर्व-मानसून मौसम के दौरान सामान्य 113.4 मिमी वर्षा की तुलना में 99.6 मिमी वर्षा हुई, जिसके परिणामस्वरूप 12 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई।

भाषा जितेंद्र रंजन

रंजन