विपक्षी महागठबंधन एक ‘विभाजित कुनबा’; क्या तेजस्वी विपक्ष के नेता भी बन पाएंगे: भाजपा

विपक्षी महागठबंधन एक ‘विभाजित कुनबा’; क्या तेजस्वी विपक्ष के नेता भी बन पाएंगे: भाजपा

विपक्षी महागठबंधन एक ‘विभाजित कुनबा’; क्या तेजस्वी विपक्ष के नेता भी बन पाएंगे: भाजपा
Modified Date: October 23, 2025 / 06:51 pm IST
Published Date: October 23, 2025 6:51 pm IST

नयी दिल्ली, 23 अक्टूबर (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने बृहस्पतिवार को बिहार में विपक्षी महागठबंधन को एक ‘विभाजित कुनबा’ करार देते हुए राष्ट्रीय जनता दल (राजद) से कहा कि उसे इस बात की चिंता करनी चाहिए कि राज्य विधानसभा चुनाव के लिए “मुख्यमंत्री पद के उसके चेहरे” के रूप में नामित तेजस्वी यादव नतीजों की घोषणा के बाद विपक्ष के नेता भी बन पाएंगे या नहीं।

बिहार विधानसभा चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की प्रचंड जीत का भरोसा जताते हुए भाजपा ने दावा किया कि महागठबंधन ने राजद नेता तेजस्वी और विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) के अध्यक्ष मुकेश सहनी को “मजबूरी के चलते” चुनाव से पहले क्रमश: मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री पद का अपना उम्मीदवार घोषित किया है।

भाजपा ने कांग्रेस पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि राजद ने पटना में संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में लगाए गए पोस्टर में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की जगह तेजस्वी का चेहरा प्रदर्शित कर पार्टी को उसकी “औकात” दिखा दी है। इस संवाददाता सम्मेलन में विपक्ष के मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री पद के उम्मीदवारों के नामों की घोषणा की गई।

भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता सैयद जफर इस्लाम ने दिल्ली में ‘पीटीआई वीडियो’ से कहा, “यह (महागठबंधन) एक विभाजित कुनबा है। इसलिए वे (बृहस्पतिवार को पटना में आयोजित) संवाददाता सम्मेलन में एकता का संदेश देने की कोशिश कर रहे थे।”

उन्होंने कहा, “आपको एकता का संदेश देने की जरूरत नहीं होती। ऐसा संदेश आपके स्वभाव, हाव-भाव, आचरण, प्रतिबद्धता और दृढ़ विश्वास से खुद-ब-खुद जाहिर हो जाता है।”

इस्लाम ने कहा कि हालांकि, लोग समझते हैं कि यह विपक्षी खेमे के भीतर मौजूद मतभेदों को छिपाने का प्रयास है।

भाजपा प्रवक्ता ने कहा, “उन्होंने (महागठबंधन ने) तेजस्वी यादव को मजबूरी में मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित किया है। उन्होंने सहनी को भी मजबूरी में उपमुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित किया है। जिन लोगों ने आज ये घोषणाएं की हैं, उन्हें इस बात की चिंता करनी चाहिए कि वह (तेजस्वी) बिहार चुनाव के नतीजों की घोषणा के बाद विपक्ष के नेता भी बन पाएंगे या नहीं।”

जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के वरिष्ठ नेता केसी त्यागी ने भी विपक्ष पर निशाना साधा और कहा कि तेजस्वी एक “हारे हुए सिपाही” हैं और राज्य विधानसभा चुनावों में एक बार फिर उनकी शिकस्त “तय” है।

बिहार विधानसभा चुनाव के लिए विपक्ष के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार के तौर पर तेजस्वी के नाम की घोषणा के बारे में पूछे जाने पर त्यागी ने ‘पीटीआई वीडियो’ से कहा, “उनके (तेजस्वी के) नेतृत्व में कई चुनाव लड़े गए हैं। वह एक हारे हुए सिपाही हैं। और इस लड़ाई में भी उनकी हार तय है। उनके पास दिखाने और करने के लिए कुछ भी नया नहीं है।”

विपक्षी महागठबंधन ने बिहार विधानसभा चुनाव के लिए बृहस्पतिवार को तेजस्वी को मुख्यमंत्री और सहनी को उपमुख्यमंत्री पद का अपना उम्मीदवार घोषित किया।

पटना में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में सभी घटक दलों के नेताओं की मौजूदगी में इसकी घोषणा करते हुए वरिष्ठ कांग्रेस नेता अशोक गहलोत ने कहा कि सत्ता में आने पर समाज के अन्य वर्गों के नेताओं को भी उपमुख्यमंत्री बनाया जाएगा।

गहलोत ने कहा कि इस फैसले का कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने समर्थन किया है।

भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में लगाए गए पोस्टर में राहुल को जगह न मिलने को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा।

पूनावाला ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “इसलिए यह सिर्फ ‘सम्मान चोरी’ नहीं है, जिससे कांग्रेस जूझ रही है।” उन्होंने आरोप लगाया कि संयुक्त संवाददाता सम्मेलन के पोस्टर में तेजस्वी की तस्वीर प्रदर्शित की गई, जबकि राहुल की तस्वीर “हटा दी गई।”

पूनावाला ने कहा, “राजद ने सचमुच कांग्रेस को उसकी ‘औकात’ दिखा दी।”

भाजपा के आईटी प्रकोष्ठ के प्रमुख अमित मालवीय ने कहा कि महागठबंधन के भीतर “तीव्र अंतर्कलह” है, जो “पूरी तरह से” खुलकर सामने आ गई है।

मालवीय ने कहा, “पहले राहुल गांधी ने तेजस्वी को चेहरा नहीं माना और अब तेजस्वी ने पोस्टर से राहुल गांधी को गायब कर दिया।” उन्होंने कहा, “यह पोस्टर अपने आप में महागठबंधन के टूटने की घोषणा है।”

भाषा पारुल सुरेश

सुरेश


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