भाजपा नेताओं के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने संबंधी याचिका पर सोमवार को आएगा फैसला

भाजपा नेताओं के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने संबंधी याचिका पर सोमवार को आएगा फैसला

भाजपा नेताओं के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने संबंधी याचिका पर सोमवार को आएगा फैसला
Modified Date: November 29, 2022 / 08:35 pm IST
Published Date: June 12, 2022 6:07 pm IST

नयी दिल्ली, 12 जून (भाषा) दिल्ली उच्च न्यायालय मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) की नेता वृंदा करात और के एम तिवारी की उस याचिका पर सोमवार को फैसला सुनाएगा जिसमें कथित घृणास्पद भाषण को लेकर भाजपा नेताओं के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का अनुरोध किया गया है।

याचिका में यहां शाहीन बाग में संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) के खिलाफ विरोध प्रदर्शनों को लेकर कथित घृणास्पद भाषणों के लिए केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के उनके सहयोगी एवं सांसद प्रवेश वर्मा के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश देने से इनकार करने संबंधी निचली अदालत के फैसले को चुनौती दी गई है।

न्यायमूर्ति चंद्रधारी सिंह ने 25 मार्च को उस याचिका पर आदेश सुरक्षित रख लिया था जिसमें दावा किया गया था कि नेताओं के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जानी चाहिए क्योंकि नेताओं के खिलाफ एक संज्ञेय अपराध बनता है और पुलिस से केवल मामले की जांच करने के लिए कहा जा रहा है।

याचिकाकर्ताओं ने निचली अदालत के समक्ष अपनी शिकायत में आरोप लगाया था कि ‘‘ठाकुर और वर्मा ने लोगों को उकसाने की कोशिश की जिस कारण दिल्ली में दो अलग-अलग विरोध स्थलों पर गोलीबारी की तीन घटनाएं हुईं।’’

माकपा नेता ने अपनी शिकायत में 27 जनवरी 2020 को ठाकुर के भाषण में ‘गोली मारो..’ का नारा लगाने और 28 जनवरी 2020 को वर्मा की कथित अपमानजनक टिप्पणियों का जिक्र किया है।

हालांकि, निचली अदालत ने 26 अगस्त, 2021 को दोनों नेताओं के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने के लिए करात की याचिका को इस आधार पर खारिज कर दिया था कि सक्षम प्राधिकारी, केंद्र सरकार से आवश्यक मंजूरी प्राप्त नहीं की गई, जो कि कानून के तहत जरूरी है।

करात और तिवारी ने निचली अदालत के समक्ष शिकायत देकर संसद मार्ग थाने को ठाकुर और वर्मा के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिए जाने का अनुरोध किया था।

भाषा

देवेंद्र नेत्रपाल

नेत्रपाल


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