नीट-यूजी पुनर्परीक्षा में भौतिकी का खंड सबसे कठिन रहा, कट-ऑफ कम रहने के आसार

Ads

नीट-यूजी पुनर्परीक्षा में भौतिकी का खंड सबसे कठिन रहा, कट-ऑफ कम रहने के आसार

  •  
  • Publish Date - June 21, 2026 / 10:34 PM IST,
    Updated On - June 21, 2026 / 10:34 PM IST

कोटा, 21 जून (भाषा) रविवार को आयोजित नीट-यूजी पुनर्परीक्षा में शामिल हुए अभ्यर्थियों ने प्रश्नपत्र को पिछली परीक्षा की तुलना में अधिक कठिन बताया। अधिकांश छात्रों के अनुसार, भौतिकी (फिजिक्स) का खंड सबसे चुनौतीपूर्ण और समय लेने वाला रहा।

अभ्यर्थियों ने जीवविज्ञान (बायोलॉजी) को अपेक्षाकृत आसान और रसायन विज्ञान (केमिस्ट्री) को मध्यम स्तर का बताया, जबकि भौतिकी के प्रश्न लंबे और जटिल होने के कारण परीक्षा का सबसे कठिन हिस्सा रहे। कई अभ्यर्थियों ने इस आधार पर कट-ऑफ कम रहने की संभावना जताई।

इस बीच, कोटा के विशेषज्ञों ने भी प्रश्नपत्र की समग्र कठिनाई को औसत से अधिक आंका।

कोटा स्थित एलन करियर इंस्टीट्यूट के अध्यक्ष एवं विषय विशेषज्ञ विनोद कुमावत ने कहा कि भौतिकी और रसायन विज्ञान दोनों ही अवधारणात्मक (कॉन्सेप्चुअल) प्रकृति के थे और इनमें कई प्रश्न लंबे तथा पेचीदा थे।

उन्होंने कहा, ‘‘भौतिकी में पेपर कोड-50 के प्रश्न संख्या 26, जो यूनिट डाइमेंशन (इकाई और विमा) विषय पर आधारित था, उसके विकल्पों में सही उत्तर मौजूद नहीं है। इसलिए इस प्रश्न के लिए बोनस अंक दिए जाने की संभावना है।’’

कुमावत ने कहा कि प्रश्न गहन, गणनात्मक और अवधारणात्मक समझ की मांग करने वाले थे। उन्होंने कहा कि कार्बनिक (ऑर्गेनिक) और अकार्बनिक (इनऑर्गेनिक) रसायन विज्ञान के प्रश्न भी तीन मई को आयोजित नीट परीक्षा की तुलना में अधिक कठिन थे।

उन्होंने कहा, ‘‘रैंक का निर्धारण काफी हद तक भौतिकी और रसायन विज्ञान में प्रदर्शन के आधार पर होने की संभावना है।’’

इसके विपरीत, जीवविज्ञान का खंड तीन मई की परीक्षा की तुलना में अपेक्षाकृत आसान रहा।

हालांकि, कुमावत ने बताया कि पादप आकृति विज्ञान (प्लांट मॉर्फोलॉजी) के अंतर्गत ‘सोलनेसी’ विषय से एक प्रश्न पूछा गया, जबकि यह राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) के पाठ्यक्रम में शामिल नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि जीवविज्ञान के तीन प्रश्नों के उत्तर विकल्प काफी भ्रमित करने वाले थे।

जीवविज्ञान खंड में कक्षा 11 के विषयों से 52 प्रश्न पूछे गए, जबकि कक्षा 12 से 38 प्रश्न शामिल थे।

जीवविज्ञान के विषयों में मानव शरीर क्रिया विज्ञान (ह्यूमन फिजियोलॉजी) से सर्वाधिक 13 प्रश्न पूछे गए। इसके बाद पादप शरीर क्रिया विज्ञान (प्लांट फिजियोलॉजी) तथा आनुवंशिकी एवं जैव प्रौद्योगिकी (जेनेटिक्स एवं बायोटेक्नोलॉजी) से 11-11 प्रश्न शामिल थे। कोशिका जीवविज्ञान (सेल बायोलॉजी) से नौ प्रश्न पूछे गए।

बिहार के दरभंगा के अभ्यर्थी गौरव कुमार झा ने कहा कि कुल मिलाकर प्रश्नपत्र पिछली परीक्षा की तुलना में अधिक कठिन था।

झा ने कहा, ‘‘जीवविज्ञान और रसायन विज्ञान के प्रश्न आसान थे, लेकिन भौतिकी के प्रश्न कठिन और लंबे थे। यदि इस बार प्रश्नपत्र लीक नहीं हुआ है, तो कट-ऑफ कम रहने के आसार हैं।’’

बिहार की ही स्नेहा कुमारी ने कहा कि रसायन विज्ञान का अधिकांश भाग सहज था, लेकिन भौतिक रसायन (फिजिकल केमिस्ट्री) से कुछ कठिन प्रश्न पूछे गए थे।

उन्होंने कहा, ‘‘भौतिकी कठिन थी। इसमें एनसीईआरटी की अवधारणाओं पर आधारित प्रश्नों के साथ कुछ जटिल ग्राफ भी शामिल थे।’’

कर्नाटक के चरण ने जीवविज्ञान को प्रश्नपत्र का सबसे आसान खंड बताया।

उन्होंने कहा, ‘‘जीवविज्ञान बेहद आसान था, रसायन विज्ञान मध्यम स्तर का था, लेकिन भौतिकी कठिन रही।’’

उन्होंने कट-ऑफ 610 अंक रहने का अनुमान जताया।

पश्चिम बंगाल के रौशन सिंह ने भी इसी तरह की राय व्यक्त करते हुए कहा, ‘‘जीवविज्ञान आसान था, लेकिन भौतिकी में जटिल कथन-आधारित और लंबे प्रश्न थे। प्रश्नपत्र कठिन होने के कारण इस बार कट-ऑफ कम रहने के आसार हैं।’’

हालांकि, कुछ छात्रों ने भौतिकी को अपेक्षाकृत संतुलित भी बताया।

राजस्थान के भरतपुर के प्रदीप कुमार ने कहा, ‘‘भौतिकी आसान से मध्यम स्तर की थी और पर्याप्त समय मिलने पर इसे हल किया जा सकता था। जीवविज्ञान पिछली परीक्षा से आसान थी। मुझे लगता है कि कट-ऑफ घटकर लगभग 580 अंक तक आ सकती है।’’

भाषा रविकांत दिलीप

दिलीप