पूरी दुनिया गुजरात के ‘विकास मॉडल’ से प्रभावित : मुख्यमंत्री पटेल
पूरी दुनिया गुजरात के ‘विकास मॉडल’ से प्रभावित : मुख्यमंत्री पटेल
अहमदाबाद, 30 अप्रैल (भाषा) गुजरात के 66वें स्थापना दिवस की पूर्व संध्या पर मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने बृहस्पतिवार को कहा कि राज्य के विकास मॉडल ने दुनिया का ध्यान आकर्षित किया है।
उन्होंने एक मई को मनाए जाने वाले ‘गुजरात गौरव दिवस’ की पूर्व संध्या पर लोगों को शुभकामनाएं देते हुए राज्य के विकास का श्रेय सामूहिक प्रयासों और दूरदर्शी नेतृत्व को दिया।
पटेल ने कहा, ‘‘पूरी दुनिया गुजरात के विकास मॉडल से प्रभावित है और आज गुजरात की ओर आकर्षित है।’’
उन्होंने कहा कि यह दिन राज्य के महान नेताओं और लोगों के योगदान को स्वीकार करने का अवसर है।
उन्होंने महात्मा गांधी, सरदार वल्लभभाई पटेल, स्वामी दयानंद सरस्वती, श्यामजी कृष्ण वर्मा और अन्य हस्तियों के आशीर्वाद और मार्गदर्शन को याद किया, जिनकी प्रेरणा ने गुजरात के विकास को दिशा दी।
मुख्यमंत्री ने एक मई, 1960 को राज्य के गठन का जिक्र करते हुए कहा कि इस बात पर संदेह जताया गया था कि रेगिस्तान, समुद्र तट और पहाड़ियों वाले क्षेत्र की प्रगति कैसे होगी।
पटेल ने कहा, ‘‘लेकिन गुजरात के 1960 से 2000 तक के चार दशकों के विकास और 2001 के बाद के ढाई दशकों की निर्बाध विकास यात्रा के बीच स्पष्ट अंतर सभी देख सकते हैं।’’
उन्होंने राज्य में ‘‘विकास की राजनीति’’ की नींव रखने का श्रेय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मोदी के नेतृत्व में गुजरात देश के लिए एक आदर्श के रूप में उभरा है।
उन्होंने कहा, ‘‘लोगों ने मोदी के नेतृत्व पर अपना विश्वास बरकरार रखा है। गुजरात ने बिजली, पानी, सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा और सामाजिक क्षेत्रों में महत्वपूर्ण प्रगति की है। ज्योतिग्राम योजना के माध्यम से गांवों को 24 घंटे बिजली उपलब्ध कराई जा रही है।’’
पटेल ने कहा कि बिजली उत्पादन क्षमता 8,750 मेगावाट से बढ़कर लगभग 53,000 मेगावाट हो गई है, और गुजरात एकमात्र ऐसा राज्य है जिसके पास एकीकृत गैस ग्रिड, जल ग्रिड और बिजली ग्रिड है।
उन्होंने कहा कि 2003 में जब मोदी मुख्यमंत्री थे तब शुरू किए गए ‘वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट’ जैसी पहलों ने राज्य को ‘‘भविष्य के लिए वैश्विक प्रवेश द्वार’’ के रूप में स्थापित करने में मदद की और बेरोजगारी दर कम करने में योगदान दिया है, जबकि स्थानीय उत्पादों को वैश्विक बाजारों तक पहुंचाने के उद्देश्य से आयोजित क्षेत्रीय सम्मेलनों के माध्यम से जिला स्तर की क्षमताओं को बढ़ावा दिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री पटेल ने रेखांकित किया, ‘‘गुजरात नवीकरणीय ऊर्जा और हरित विकास पर भी ध्यान केंद्रित कर रहा है, जिसमें सौर, पवन और हरित हाइड्रोजन शामिल हैं। हमारी नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता देश की कुल क्षमता का 15 प्रतिशत हो गई है। तीन लाख से अधिक घरों को छत पर सौर ऊर्जा योजना में शामिल किया गया है।’’
उन्होंने रेखांकित किया कि राज्य पांरपरिक उद्योगों से आगे बढ़कर उच्च-तकनीकी क्षेत्रों को बढ़ावा दे रहा है और इसी कड़ी में दो सेमीकंडक्टर संयंत्र चालू हो चुके हैं तथा दो और संयंत्र बनाए जाने हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि साणंद और धोलेरा सेमीकंडक्टर उद्योग के केंद्र बनने जा रहे हैं, जबकि ‘गिफ्ट सिटी’ में एक कृत्रिम मेधा उत्कृष्ट केंद्र स्थापित किया गया है।
पटेल ने शहरी और क्षेत्रीय विकास के संदर्भ में कहा कि सरकार ने शहरी विकास बजट में 40 प्रतिशत की वृद्धि की है और नीति आयोग के सहयोग से छह क्षेत्रों के लिए आर्थिक ‘मास्टर प्लान’ तैयार किए हैं।
उन्होंने कहा कि गुजरात ने ‘अच्छी कमाई, अच्छा जीवन’ की परिकल्पना के साथ 2047 तक एक विकसित राज्य बनने का खाका तैयार किया है।
पटेल ने पर्यावरण के अनुकूल विकास पर जोर दिया और ‘कैच द रेन’ (वर्षा जल संग्रहण) जैसी पहलों और ‘एक पेड़ मां के नाम’ के तहत पौधारोपण अभियानों का उल्लेख किया।
भाषा धीरज शफीक
शफीक

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