केआईआईएफबी जांच में इसाक को बार-बार ईडी के समन का कोई औचित्य नहीं है: केरल उच्च न्यायालय

केआईआईएफबी जांच में इसाक को बार-बार ईडी के समन का कोई औचित्य नहीं है: केरल उच्च न्यायालय

केआईआईएफबी जांच में इसाक को बार-बार ईडी के समन का कोई औचित्य नहीं है: केरल उच्च न्यायालय
Modified Date: November 29, 2022 / 07:56 pm IST
Published Date: October 10, 2022 4:07 pm IST

कोच्चि, 10 अक्टूबर (भाषा) केरल उच्च न्यायालय ने सोमवार को कहा कि केआईआईएफबी की ओर से नियमों के कथित उल्लंघनों की जांच के सिलसिले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा माकपा के वरिष्ठ नेता थॉमस इसाक को बार-बार समन भेजने का कोई औचित्य नहीं है।

अदालत ने यह भी कहा कि ‘केरल अवसंरचना निवेश कोष बोर्ड’ (केआईआईएफबी) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) और संयुक्त कोष प्रबंधक को बार-बार समन भेजने का कोई औचित्य नहीं है। अदालत ने मामले में ईडी की ओर से जारी किसी भी समन पर दो महीने की रोक लगा दी।

और समन जारी करने पर रोक लगाते हुए न्यायमूर्ति वीजी अरूण ने यह भी कहा कि एजेंसी की जांच पर रोक नहीं है।

अदालत ने इसाक की याचिकाओं पर यह निर्देश जारी किए हैं। माकपा नेता ने उन्हें और केआईआईएफबी के शीर्ष अधिकारियों को जारी समन को चुनौती दी थी तथा केआईआईएफबी के वित्तीय लेनदेन की जांच का विरोध किया था।

भाषा नोमान मनीषा

मनीषा


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