जमात-ए-इस्लामी के विरुद्ध कोई जबरिया कार्रवाई नहीं होनी चाहिए: महबूबा मुफ्ती

जमात-ए-इस्लामी के विरुद्ध कोई जबरिया कार्रवाई नहीं होनी चाहिए: महबूबा मुफ्ती

जमात-ए-इस्लामी के विरुद्ध कोई जबरिया कार्रवाई नहीं होनी चाहिए: महबूबा मुफ्ती
Modified Date: September 7, 2026 / 04:21 pm IST
Published Date: September 7, 2026 4:21 pm IST

(फाइल फोटो के साथ)

श्रीनगर, सात सितंबर (भाषा) पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने सोमवार को कहा कि सरकार को जम्मू-कश्मीर में प्रतिबंधित संगठन ‘जमात-ए-इस्लामी’ (जेईआई) की कुर्क की गई संपत्तियों के मामले में कोई जबरिया या अपरिवर्तनकारी कदम नहीं उठाना चाहिए।

महबूबा ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘चूंकि जमात-ए-इस्लामी (जेईआई) के नेतृत्व ने सार्वजनिक रूप से कहा है कि वह न्यायपालिका के फैसले को मानेगा और कानूनी प्रक्रिया के ज़रिए प्रतिबंध को चुनौती देगा। इसलिए सरकार भी कानून और उचित प्रक्रिया के अनुसार काम करने के लिए बाध्य है।’’

उन्होंने लिखा, ‘‘यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि जब तक मामला अदालत में विचाराधीन है, तब तक ज़ब्त की गई संपत्तियों के संबंध में कोई जबरिया या अपरिवर्तनकारी कार्रवाई न की जाए।’’

पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा का यह बयान बारामूला जिले के सोपोर इलाके में हाल में जेईआई की संपत्तियां कुर्क किये जाने के बाद आया है।

बृहस्पतिवार को पुलिस ने ‘गैर-कानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम’ तहत ज़रूरी कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद सोपोर में दो इमारतें, छह दुकानें और दो ‘कनाल’ ज़मीन कुर्क की। एक कनाल में 505.857 वर्ग मीटर होते हैं।

पीडीपी प्रमुख ने कहा, ‘‘कानून के शासन के लिए समान व्यवहार, प्रक्रियात्मक निष्पक्षता और न्यायिक अधिकार का सम्मान जरूरी है। इसे चुनिंदा ढंग से या सत्ता में बैठे लोगों की मर्ज़ी से लागू नहीं किया जा सकता।’’

भाषा

राजकुमार जोहेब

जोहेब


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