(फाइल फोटो के साथ)
जयपुर, 13 अप्रैल (भाषा) राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सोमवार को कहा कि वरिष्ठ भाजपा नेता और पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे को अपने बयान पर कोई सफाई देने की आवश्यकता नहीं थी।
गहलोत ने प्रदेश भाजपा अध्यक्ष मदन राठौड़ की टिप्पणी पर कहा कि इस तरह की बातें प्रधानमंत्री या भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के स्तर पर होनी चाहिए थीं।
दरअसल, वसुंधरा राजे ने शनिवार को अपने हालिया बयान “मेरा तो चला गया, मैं बचा नहीं पाई” पर सफाई दी थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि “षड्यंत्रकारियों” ने उनके बयान को संदर्भ से हटाकर तोड़-मरोड़ कर पेश किया।
उसी दिन प्रदेश भाजपा अध्यक्ष ने भी प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि हर बार मुख्यमंत्री बनने की आवश्यकता किसी एक व्यक्ति को नहीं है।
गहलोत ने कहा, “मैं उनकी पार्टी के आंतरिक मामलों पर टिप्पणी नहीं करना चाहता, लेकिन जिस तरह भाजपा अध्यक्ष बोलते हैं, वह भाषा और आचरण में अलग दृष्टिकोण दिखाता है। व्यक्तिगत रूप से वह अच्छे व्यक्ति हैं और हमारे संबंध भी सौहार्दपूर्ण हैं, लेकिन पार्टी दबाव में कोई भी कुछ कह सकता है।”
उन्होंने कहा, “ऐसी बातें प्रधानमंत्री या राष्ट्रीय अध्यक्ष के स्तर पर होनी चाहिए थीं। हालांकि यह उनकी पार्टी का मामला है।”
गहलोत ने दोहराया कि राजे को सफाई देने की आवश्यकता नहीं थी। उन्होंने कहा, “लोग उनके आशय और संदर्भ को समझते हैं। इस पर अनावश्यक टिप्पणियां की गई हैं।”
गहलोत ने भाजपा पर आंतरिक कलह का आरोप लगाते हुए कहा, “वसुंधरा जी कुछ कह रही हैं, मदन राठौड़ कुछ और कह रहे हैं, यही उनकी पार्टी की स्थिति है। वे कांग्रेस पर गुटबाजी का आरोप लगाते हैं, लेकिन उनकी अपनी हालत सबके सामने है।”
कांग्रेस की एकजुटता पर जोर देते हुए गहलोत ने कहा, “राजस्थान में कांग्रेस पूरी तरह एकजुट है और साथ मिलकर आगे बढ़ रही है।”
उन्होंने विश्वास जताया कि कांग्रेस राज्य में अगली सरकार बनाएगी।
भाषा बाकोलिया राजकुमार
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