चीनी पोत को रूकने देने के निर्णय में कोई राजनीतिक भागीदारी नहीं थी: श्रीलंका के उच्चायुक्त

चीनी पोत को रूकने देने के निर्णय में कोई राजनीतिक भागीदारी नहीं थी: श्रीलंका के उच्चायुक्त

चीनी पोत को रूकने देने के निर्णय में कोई राजनीतिक भागीदारी नहीं थी: श्रीलंका के उच्चायुक्त
Modified Date: November 29, 2022 / 08:20 pm IST
Published Date: September 19, 2022 8:10 pm IST

नयी दिल्ली, 19 सितंबर (भाषा) श्रीलंका के उच्चायुक्त मिलिंडा मोरागोडा ने सोमवार को कहा कि उनका देश भारत के साथ सहयोग के लिए एक योजना पर काम कर रहा है, ताकि उसके (श्रीलंका के) हंबनटोटा बंदरगाह पर पिछले महीने चीन के एक अनुसंधान पोत के रूकने जैसे मुद्दों को टाला जा सके।

यहां इंडियन वुमंस प्रेस कोर (आईडब्ल्यूपीसी) में मीडिया से बातचीत करते हुए मोरागोडा ने कहा कि चीन के पोत ‘युआन वांग5’ को श्रीलंका के दक्षिणी बंदरगाह पर रूकने देने की अनुमति से जुड़ा फैसला ऐसी अव्यवस्था की स्थिति में लिया गया था, जब पूर्व राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे देश छोड़ कर जा रहे थे।

उच्चायुक्त ने जोर देते हुए कहा कि पोत को रूकने देने की अनुमति से जुड़े फैसले में कोई राजनीतिक भागीदारी नहीं थी।

मोरागोडा ने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि हमने यह सबक सीखा है कि हमें भारत के साथ बहुत करीबी सहयोग और समन्वय करने की जरूरत है तथा हमें सहयोग की एक रूपरेखा बनाने की भी जरूरत है। हम इस पर चर्चा कर रहे हैं।’’

उन्होंने कहा कि भारत क्षेत्र में सुरक्षा का केंद्र बिंदु है।

उल्लेखनीय है कि चीनी बैलिस्टिक मिसाइल और उपग्रह निगरानी पोत चीन संचालित हंबनटोटा बंदरगाह पर 16 अगस्त से 22 अगस्त तक रूका था।

भारत ने पोत की यात्रा के उद्देश्य को लेकर चिंता जाहिर की थी।

भाषा सुभाष माधव

माधव


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