तिरुप्परनकुंड्रम दीप प्रज्ज्वलन मामला: उच्च न्यायालय क फैसले को चुनौती देगी तमिलनाडु सरकार

तिरुप्परनकुंड्रम दीप प्रज्ज्वलन मामला: उच्च न्यायालय क फैसले को चुनौती देगी तमिलनाडु सरकार

तिरुप्परनकुंड्रम दीप प्रज्ज्वलन मामला: उच्च न्यायालय क फैसले को चुनौती देगी तमिलनाडु सरकार
Modified Date: January 7, 2026 / 12:08 am IST
Published Date: January 7, 2026 12:08 am IST

चेन्नई, छह जनवरी (भाषा) तमिलनाडु सरकार मंगलवार को मद्रास उच्च न्यायालय के उस फैसले के खिलाफ अपील करेगी जिसमें तिरुप्परनकुंड्रम पहाड़ी पर दीपक जलाने की अनुमति देने वाले एकल पीठ के आदेश को बरकरार रखा गया है। राज्य के मंत्री एस रेगूपथी ने यह जानकारी दी।

प्राकृतिक संसाधन मंत्री ने दावा किया कि मद्रास उच्च न्यायालय की मदुरै पीठ का फैसला ‘कानूनी रूप से गलत’ था।

न्यायमूर्ति जी जयचंद्रन और न्यायमूर्ति के के रामकृष्णन की खंडपीठ ने दिन में पहले न्यायाधीश जी आर स्वामीनाथन के उस आदेश को बरकरार रखा जिसमें मदुरै के तिरुप्परनकुंड्रम पहाड़ी पर कार्तिगई दीप प्रज्वलित करने की अनुमति दी गई थी, और द्रमुक सरकार के इस दावे की कड़ी आलोचना करते हुए इसे ‘हास्यास्पद’ बताया कि दीप प्रज्वलित करने से सार्वजनिक शांति भंग होगी।

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मदुरै में फैसला सुनाए जाने के तुरंत बाद, तमिलनाडु भाजपा समन्वय समिति के संयोजक एच राजा के नेतृत्व में भाजपा सदस्यों ने पटाखे फोड़कर फैसले का जश्न मनाया।

श्रद्धालुओं ने तीन दिसंबर को कार्तिगई दीपम उत्सव के अवसर पर एक दरगाह के पास एक पत्थर के स्तंभ (दीपथून) पर दीपक जलाने की अनुमति देने वाले एक दिसंबर के आदेश का पालन न करने के लिए मंदिर के अधिकारियों और स्थानीय अधिकारियों के खिलाफ अदालत की अवमानना ​​की कार्यवाही शुरू करने का अनुरोध किया था।

अधिकारियों ने एकल न्यायाधीश के आदेश के खिलाफ अपील दायर की और उसे रद्द करने की मांग की।

भाषा तान्या वैभव

वैभव


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