राजस्थान के सरिस्का अभयारण्य में तीन बाघ शावक का जन्म
राजस्थान के सरिस्का अभयारण्य में तीन बाघ शावक का जन्म
जयपुर, 12 मार्च (भाषा) राजस्थान के सरिस्का बाघ अभयारण्य में एक बाघिन ने तीन शावकों को जन्म दिया है जिससे अभयारण्य में बाघों की कुल संख्या 53 हो गई है। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।
अधिकारियों ने बताया कि कैमरे में कैद तस्वीरों एवं वीडियो में सरिस्का के अकबरपुर रेंज में बाघिन एसटी-17 को तीन शावकों के साथ देखा गया है।
उन्होंने बताया कि बाघिन और उसके शावकों की हलचल और स्वास्थ्य पहली नजर में सामान्य लग रहा है।
अधिकारियों ने कहा कि इस बाघिन एसटी-17 ने पहले भी शावकों को जन्म दिया था और यह उसका दूसरा सफल प्रसव है।
उन्होंने कहा कि निगरानी दलों को बाघिन और उसके शावकों की गतिविधि पर पर कड़ी नजर रखने का निर्देश दिया गया है।
वन मंत्री संजय शर्मा ने इसे राज्य में वन्य जीव संरक्षण के लिए अच्छी खबर बताया।
शर्मा ने कहा, ‘‘सरिस्का बाघ अभयारण्य से खुश खबरी है। सरिस्का के अकबरपुर रेंज में बाघिन एसटी-17 तीन शावकों की मां बनी हैं। बाघों का बढ़ता कुनबा राजस्थान के वन्यजीव संरक्षण की सफलता की कहानी बयान करता है। राजस्थान सरकार वन और वन्यजीव संरक्षण के लिए हमेशा प्रतिबद्ध है।’’
वन्यजीव विशेषज्ञों ने कहा कि बाघिन एसटी-17 का तीन और शावकों की मां बनना इस अभयारण्य में बाघों के संरक्षण एवं पुनर्वास की कोशिशों की सफलता को दिखाता है।
उल्लेखनीय है कि 2004-05 के आसपास शिकार की वजह से सरिस्का से बाघ पूरी तरह खत्म हो गए थे। रणथंभौर राष्ट्रीय उद्यान से बाघों को 2008 में सरिस्का स्थानांतरित करके बाघ पुनर्वास कार्यक्रम शुरू किया गया जो दुनिया में अपनी तरह का पहला प्रयास माना जाता है।
भाषा पृथ्वी सिम्मी
सिम्मी

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