टियर-2 और टियर-3 शहर दे रहे सबसे ज्यादा स्टार्टअप और यूपीएससी टॉपर: जितेंद्र सिंह

टियर-2 और टियर-3 शहर दे रहे सबसे ज्यादा स्टार्टअप और यूपीएससी टॉपर: जितेंद्र सिंह

टियर-2 और टियर-3 शहर दे रहे सबसे ज्यादा स्टार्टअप और यूपीएससी टॉपर: जितेंद्र सिंह
Modified Date: June 21, 2026 / 09:01 pm IST
Published Date: June 21, 2026 9:01 pm IST

जम्मू, 21 जून (भाषा) केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने रविवार को कहा कि अब भारत के ज़्यादातर स्टार्टअप संस्थापक और संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) ‘टॉपर’ द्वितीय और तृतीय श्रेणी के शहरों के बन रहे हैं, जो दिखाता है कि प्रौद्योगिकी और डिजिटल संपर्क ने देश भर में सभी को समान अवसर दिलाने में कितनी बड़ी भूमिका निभाई है।

जम्मू क्षेत्र के अलग-अलग स्कूलों में 10वीं और 12वीं कक्षा में अव्वल स्थान पाने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित करने के लिए आयोजित एक समारोह में सिंह ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में भी ऐसा ही प्रचलन देखने को मिल रहा है।

प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) में राज्य मंत्री ने उदाहरणस्वरूप बताया कि यूपीएससी की परीक्षा में अखिल भारतीय स्तर पर 11वीं रैंक हासिल करने वाला उम्मीदवार सीमावर्ती जिले पुंछ से संबद्ध है, जबकि डोडा और बडगाम जैसे जिलों से सफल कृषि-स्टार्टअप और उद्यमी सामने आ रहे हैं। यह इस क्षेत्र में बढ़ती प्रतिभा और लोगों की महत्वाकांक्षाओं को दर्शाता है।

उन्होंने अपने संबोधन में कहा, ‘‘देश में लगभग 2.30 लाख स्टार्टअप में से करीब 50 प्रतिशत द्वितीय एवं तृतीय श्रेणी के शहरों में हैं। यह बड़े शहरों के बाहर भी उद्यमिता की बढ़ती भावना को दर्शाता है।’’

सिंह ने कहा कि आज 35 से 40 प्रतिशत स्टार्टअप महिलाओं द्वारा चलाए जा रहे हैं, जो भारत की नवोन्मेषण-आधारित विकास में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी को दर्शाता है।

उन्होंने कहा कि सिविल सेवा के क्षेत्र में भी ऐसा ही प्रचलन देखने को मिल रहा है, जहां देश के कई बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले उम्मीदवार अब छोटे कस्बों और जिलों से सामने आ रहे हैं।

उन्होंने कहा कि यह पहले के उस चलन से एक बड़ा बदलाव है, जब बड़े शहरों को ही पारंपरिक रूप से बेहतरीन शिक्षा और करियर के मौकों का मुख्य केंद्र माना जाता था।

मंत्री ने प्रौद्योगिकी के प्रभाव पर जोर देते हुए कहा कि डिजिटल साधन और इंटरनेट कनेक्टिविटी के बड़े पैमाने पर उपलब्ध होने से देश भर के महत्वाकांक्षी युवाओं के लिए समान अवसर पैदा हुए हैं।

उन्होंने कहा कि भारत में 100 करोड़ से ज़्यादा स्मार्टफोन उपयोगकर्ता हैं, इसलिए अब विद्यार्थी अपनी भौगोलिक स्थिति की परवाह किए बिना, सस्ती और आसानी से उपलब्ध पठन-पाठन सुविधाओं और रोजगार के मौकों का लाभ उठा सकते हैं।

इससे पहले एक और कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री ने जम्मू-कश्मीर में आयुष विभाग की उपलब्धियों पर प्रकाश डाला और कहा कि इस केंद्र शासित प्रदेश में स्वास्थ्य सेवा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और आयुष सेवाओं का विस्तार करने में काफी प्रगति हुई है।

भाषा सुरेश नरेश

नरेश


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