शीर्ष अदालत की समिति ने वकील के लिपिक को यौन उत्पीड़न का दोषी पाया
शीर्ष अदालत की समिति ने वकील के लिपिक को यौन उत्पीड़न का दोषी पाया
नयी दिल्ली, 15 फरवरी (भाषा) उच्चतम न्यायालय की लैंगिक संवेदनशीलता एवं आंतरिक शिकायत समिति (जीएसआईसीसी) ने एक वकील के लिपिक को शीर्ष अदालत के परिसर में यौन उत्पीड़न करने का दोषी पाया है और उसके परिसर में प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया है।
शीर्ष अदालत की वेबसाइट पर अपलोड किए गए नोटिस में कहा गया है कि एक शिकायत पर जीएसआईसीसी ने भारत के उच्चतम न्यायालय में लैंगिक संवेदनशीलता और उच्चतम न्यायालय में महिलाओं का लैंगिक उत्पीड़न (निवारण, प्रतिषेध एवं प्रतितोष) नियमन की धारा 11 (1) (बी) और (सी) और धारा 11 (2) (ए) के तहत अशोक सैनी के खिलाफ जांच की।
नोटिस में कहा गया है, ”अशोक सैनी को दोषी पाया गया है और उसके तीन महीने के लिए उच्चतम न्यायालय के परिसर में प्रवेश करने पर रोक लगा दी गई है, जो एक जुलाई 2021 से 30 सितंबर 2021 तक लागू रहेगी। ”
जीएसआईसीसी की अध्यक्ष न्यायमूर्ति इंदिरा बनर्जी हैं, जबकि न्यायमूर्ति ए एस बोपन्ना समेत अन्य सदस्य हैं।
भाषा
नोमान दिलीप
दिलीप

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