अमेरिका के साथ व्यापार समझौते से किसानों को नुकसान उठाना पड़ेगा: केजरीवाल

अमेरिका के साथ व्यापार समझौते से किसानों को नुकसान उठाना पड़ेगा: केजरीवाल

अमेरिका के साथ व्यापार समझौते से किसानों को नुकसान उठाना पड़ेगा: केजरीवाल
Modified Date: February 21, 2026 / 08:58 pm IST
Published Date: February 21, 2026 8:58 pm IST

(फोटो के साथ)

अहमदाबाद, 21 फरवरी (भाषा) आम आदमी पार्टी (आप) के नेता अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार पर अंतरिम व्यापार समझौते के माध्यम से भारत और उसके किसानों को अमेरिका को ‘‘बेचने’’ का शनिवार को आरोप लगाया और दावा किया कि कृषि क्षेत्र में देश के हितों से इस तरह से पहली बार समझौता किया गया है।

केजरीवाल ने आशंका व्यक्त की कि भारत का अमेरिका को निर्यात अंततः बंद हो जायेगा क्योंकि वहां हमारे सामान 18 प्रतिशत अधिक महंगे हो जाएंगे, जिससे किसानों के लिए बड़ा खतरा पैदा होगा।

केजरीवाल और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान दिसंबर 2027 में प्रस्तावित गुजरात विधानसभा चुनाव से पहले अपनी आम आदमी पार्टी (आप) की तैयारियों के सिलसिले में गुजरात में हैं।

केजरीवाल ने संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘पहली बार भारत ने कृषि क्षेत्र में इस तरह का समझौता किया है। आने वाले दिनों में हमें इस व्यापार समझौते का असर देखने को मिलेगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पूरे देश और किसानों को अमेरिका के हाथों बेच दिया है। देश इसे कभी माफ नहीं करेगा।’’

अमेरिका ने पिछले साल अगस्त में भारत पर 25 प्रतिशत का शुल्क लगाया था। बाद में, रूसी कच्चे तेल की खरीद पर अतिरिक्त 25 प्रतिशत शुल्क लगाया गया, जिससे भारत पर कुल शुल्क 50 प्रतिशत हो गया।

इस महीने की शुरुआत में, दोनों देशों ने एक अंतरिम व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने पर सहमति व्यक्त की थी, जिसके तहत वाशिंगटन शुल्क को घटाकर 18 प्रतिशत कर देगा।

अमेरिका के उच्चतम न्यायालय ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा कई देशों पर लगाए गए व्यापक शुल्कों के खिलाफ फैसला सुनाया, जिसके बाद भारत को अब 10 प्रतिशत का कम पारस्परिक शुल्क देना होगा।

केजरीवाल ने व्यापार समझौते को ‘‘दुर्भाग्यपूर्ण’’ बताते हुए कहा कि गुजरात में मक्का, सोयाबीन, डेयरी उत्पाद, मूंगफली और कपास का उत्पादन होता है।

दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘इनमें से कई उत्पाद निर्यात किए जाते हैं, विशेषकर अमेरिका को। इस मुक्त व्यापार समझौते में यह लिखा है कि अमेरिका को भेजे जाने वाले सामान पर 18 प्रतिशत का शुल्क लगेगा। यदि अमेरिका में हमारे सामान की कीमत 18 प्रतिशत बढ़ जाती है, तो हम वहां प्रतिस्पर्धी कैसे बने रहेंगे? अंततः हमारा निर्यात बंद हो जाएगा।’’

उन्होंने कहा, ‘‘दूसरी ओर, जब अमेरिकी कपास भारत भेजा जाता था तो पहले उस पर काफी शुल्क लगता था, लेकिन अब इसे घटाकर शून्य कर दिया गया है। तो अमेरिकी कपास गुजरात में आयेगा, और जब यहह यहां बिकेगा, तो हमारे किसान उससे प्रतिस्पर्धा नहीं कर पाएंगे। इसलिए भारतीय किसानों द्वारा उत्पादित कपास न तो भारत में बिकेगा और न ही अमेरिका में।’’

केजरीवाल ने पूछा, ‘‘हमारे किसानों को नुकसान होगा। यही स्थिति है। प्रधानमंत्री मोदी ने अमेरिका के साथ ऐसा समझौता क्यों किया?’’

केजरीवाल ने हाल में गुजरात में पेश किए गए वार्षिक बजट की भी आलोचना करते हुए कहा कि आम आदमी को इससे बहुत उम्मीदें हैं क्योंकि घरेलू वित्त काफी हद तक सरकारी निर्णयों पर निर्भर करता है।

उन्होंने आरोप लगाया कि लोग बजट से महंगाई में राहत और शिक्षा एवं स्वास्थ्य सेवा जैसे आवश्यक क्षेत्रों में सुधार की उम्मीद करते हैं लेकिन आम लोगों के लिए इसमें कुछ भी नहीं है।

उन्होंने आरोप लगाया कि बजट में शिक्षा का कोई प्रावधान नहीं है और स्वास्थ्य सेवा, सड़कों, किसानों, व्यापारियों, महिलाओं, बेरोजगारों या समाज के किसी भी वर्ग के लिए कुछ भी नहीं है।

केजरीवाल ने विपक्षी दल कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि लोग उस पार्टी के पक्ष में वोट नहीं देना चाहते।

‘आप’ नेता ने कहा, ‘‘इसी वजह से भाजपा में अहंकार आ गया है – उसे लगता है कि उन्हें कुछ करने की जरूरत नहीं है। यह पूरा बजट सिर्फ जनता का शोषण करने के उद्देश्य से बनाया गया है। यह बजट उनके अहंकार को दर्शाता है और गुजरात की जनता का अपमान है। लेकिन विधानसभा चुनावों में जनता अपना जवाब देगी।’’

भाषा

देवेंद्र माधव

माधव

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