सरकारी नियुक्तियों में पारदर्शिता आई, भाई-भतीजावाद व भ्रष्टाचार खत्म हुआ: प्रधानमंत्री मोदी

सरकारी नियुक्तियों में पारदर्शिता आई, भाई-भतीजावाद व भ्रष्टाचार खत्म हुआ: प्रधानमंत्री मोदी

सरकारी नियुक्तियों में पारदर्शिता आई, भाई-भतीजावाद व भ्रष्टाचार खत्म हुआ: प्रधानमंत्री मोदी
Modified Date: June 13, 2023 / 12:32 pm IST
Published Date: June 13, 2023 12:32 pm IST

( तस्वीर सहित )

नयी दिल्ली, 13 जून (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सरकारी नौकरियों में नियुक्तियों में ‘भाई-भतीजावाद और भ्रष्टाचार’ को बढ़ावा देने के लिए मंगलवार को ‘परिवारवादी’ राजनीतिक दलों पर निशाना साधा और कहा कि ऐसी पार्टियों ने विभिन्न पदों के लिए अपने ‘रेट कार्ड’ से युवाओं को ‘लूटा’ है जबकि उनकी सरकार उनके उज्ज्वल भविष्य को ‘सुरक्षित’ करने के लिए काम कर रही है।

रोजगार मेले के तहत 70,126 नव-नियुक्त कर्मचारियों को नियुक्ति पत्र वितरित करने के बाद वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से उन्हें संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि परिवारवादी दलों ने भर्ती प्रक्रिया में भ्रष्टाचार और भाई-भतीजावाद को बढ़ावा देकर युवाओं के सपनों को ‘चूर-चूर’ किया जबकि वर्तमान सरकार उनके संकल्पों को साकार करने में लगी है।

मोदी ने कहा कि भर्ती प्रक्रिया में पहले एक से डेढ़ साल लगते थे, लेकिन अब यह पारदर्शी रूप से कुछ महीनों में पूरी हो जाती है।

उन्होंने कहा, ‘‘एक तरफ परिवारवादी पार्टियां हैं, भ्रष्टाचार करने वाली पार्टियां हैं, देश के नौजवानों को लूटने वाली पार्टियां हैं… उनका रास्ता है ‘रेट कार्ड’… जबकि हम युवाओं के भविष्य को ‘सेफ गार्ड’ करने का काम कर रहे हैं।’’

मोदी ने कहा, ‘‘रेट कार्ड आपके सपनों को चूर-चूर कर देते हैं जबकि हम आपके संकल्पों को साकार करने में लगे हैं। हम आपकी और आपके परिवार की सभी इच्छाओं और आकांक्षाओं को ‘सेफ गार्ड’ करने में लगे हैं।’’

केंद्र सरकार की ओर से आयोजित रोजगार अभियान को पारदर्शिता और सुशासन का प्रमाण बताते हुए प्रधानमंत्री ने आरोप लगाया कि ‘परिवारवादी’ राजनीतिक दलों ने हर व्यवस्था में भाई-भतीजावाद को बढ़ावा दिया और जब सरकारी नौकरी की बात आती थी तो वे भ्रष्टाचार ही करते थे।

उन्होंने कहा, ‘‘देश के करोड़ों लोगों के साथ इन पार्टियों ने विश्वासघात किया है। हमारी सरकार पारदर्शिता भी लाई है और हमने भाई-भतीजावाद को भी खत्म किया है।’’

उन्होंने कहा कि रोजगार मेले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकारों की पहचान बन गए हैं।

उन्होंने कहा कि आज निजी व सरकारी क्षेत्र में नौकरियों के अवसर बन रहे हैं और जिस पैमाने पर युवाओं को नौकरी दी गई है, वह ‘अभूतपूर्व’ है।

उन्होंने कहा, ‘‘सरकारी नौकरी देने वाले प्रमुख संस्थानों- संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी), कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी) और रेलवे भर्ती बोर्ड (आरआरबी) ने पहले के मुकाबले ज्यादा युवाओं को नौकरी दी हैं। इन संस्थाओं का जोर परीक्षा प्रक्रिया को पारदर्शी और सरल बनाने पर भी रहा है।’’

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत को लेकर जितना विश्वास और उसकी अर्थव्यवस्था पर जितना भरोसा आज है, वह पहले कभी नहीं रहा।

उन्होंने कहा, ‘‘आज पूरी दुनिया हमारी विकास यात्रा में साथ चलने को तत्पर है। भारत को लेकर विश्वास और हमारी अर्थव्यवस्था पर इतना भरोसा पहले कभी नहीं रहा। तमाम कठिनाइयों के बावजूद भारत अपनी अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों पर ले जा रहा है। विश्व की बड़ी बड़ी कंपनियां उत्पादन के लिए भारत आ रही हैं।’’

मोदी ने कहा कि वैश्विक मंदी, कोरोना महामारी और यूक्रेन-रूस युद्ध के बावजूद भारत अपनी अर्थव्यवस्था को नयी ऊंचाई पर ले जा रहा है।

उन्होंने कहा, ‘‘आज भारत एक दशक पहले की तुलना में ज्यादा स्थिर, ज्यादा सुरक्षित और ज्यादा मजबूत देश है। राजनीतिक भ्रष्टाचार, योजनाओं में गड़बड़ी और जनता-जनार्दन के धन का दुरूपयोग… पुरानी सरकारों में यही पहचान बन गई थी लेकिन आज भारत सरकार की पहचान स्थिर सरकार, उसके निर्णायक फैसलों से हो रही है। आज भारत सरकार की पहचान उसके आर्थिक और प्रगतिशील सामाजिक सुधारों से हो रही है।’’

रोजगार मेले का आयोजन देशभर में 43 जगहों पर हुआ। केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों के साथ-साथ राज्य और केंद्रशासित प्रदेशों में भी बड़े पैमाने पर नियुक्तियां की गई हैं। नए कर्मचारियों को वित्तीय सेवा विभाग, डाक विभाग, स्कूल शिक्षा विभाग, उच्च शिक्षा विभाग, रक्षा मंत्रालय, राजस्व विभाग, स्वास्थ्य मंत्रालय, परमाणु ऊर्जा विभाग, रेल मंत्रालय, लेखापरीक्षा और लेखा विभाग और गृह मंत्रालय सहित विभिन्न विभागों में नियुक्त किया गया है।

नव नियुक्त कर्मचारियों को आईजीओटी कर्मयोगी पोर्टल पर ‘कर्मयोगी प्रारंभ’ ऑनलाइन मॉड्यूल के माध्यम से खुद को प्रशिक्षित करने का अवसर भी मिल रहा है। यहां 400 से अधिक ई-लर्निंग पाठ्यक्रम कहीं भी, किसी भी उपकरण पर अध्ययन के लिए उपलब्‍ध हैं।

भाषा ब्रजेन्द्र ब्रजेन्द्र मनीषा

मनीषा


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