लोक अभियोजकों की भर्ती में पारदर्शिता से विश्वास बढ़ता है : सीआईसी

लोक अभियोजकों की भर्ती में पारदर्शिता से विश्वास बढ़ता है : सीआईसी

लोक अभियोजकों की भर्ती में पारदर्शिता से विश्वास बढ़ता है : सीआईसी
Modified Date: April 16, 2026 / 09:24 pm IST
Published Date: April 16, 2026 9:24 pm IST

नयी दिल्ली, 16 अप्रैल (भाषा) केंद्रीय सूचना आयोग (सीआईसी) ने कहा है कि सरकारी पदों पर भर्ती और नियुक्ति में जनता का विश्वास और भरोसा होना चाहिए। साथ ही उसने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को लोक अभियोजकों के पदों के बारे में जानकारी मांगने वाले आरटीआई आवेदन पर पुन: विचार करने की सलाह दी।

आयोग ने यह भी कहा कि ‘‘ऐसे मामलों में पारदर्शिता से विश्वास मजबूत होता है।’’

यह मामला सूचना का अधिकार (आरटीआई) अधिनियम के तहत एक वकील द्वारा दायर आवेदन से संबंधित था।

इस आवेदन में उन्होंने तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र और कर्नाटक में ईडी के सहायक लोक अभियोजक, अतिरिक्त लोक अभियोजक और लोक अभियोजक के लिए पात्रता मानदंड निर्धारित करने वाले नियम और सहायक लोक अभियोजक, अतिरिक्त लोक अभियोजक और लोक अभियोजक के रिक्त पदों की संख्या (श्रेणीवार सामान्य, ओबीसी, एससी और एसटी) के बारे में जानकारी मांगी थी।

ईडी ने आरटीआई अधिनियम की धारा 24 के तहत छूट का हवाला देते हुए सूचना देने से इनकार कर दिया था, इस रुख को प्रथम अपीलीय प्राधिकरण ने भी बरकरार रखा।

यह धारा कुछ खुफिया और सुरक्षा संगठनों को सूचना साझा करने के दायित्वों से छूट देती है।

सूचना आयुक्त विनोद कुमार तिवारी ने कहा कि सरकारी पदों पर भर्ती और नियुक्ति को हमेशा आम जनता के विश्वास और भरोसे का पात्र होना चाहिए।

उन्होंने कहा कि सार्वजनिक प्राधिकरण के लिए यह उचित होगा कि वह मांगी गई जानकारी की प्रकृति, विशेष रूप से सामान्य पात्रता मानदंड और रिक्ति संबंधी विवरणों, जो पहले से ही सार्वजनिक रूप से उपलब्ध हो सकते हैं, को ध्यान में रखते हुए आरटीआई आवेदन पर पुनर्विचार करे और अपने प्रशासनिक विवेक के अनुसार उचित निर्णय ले।

भाषा शफीक सुरेश

सुरेश


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