जम्मू, सात जून (भाषा) जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, मुख्य सचिव अटल डुल्लू और व्हाइट नाइट कोर के जनरल ऑफिसर कमांडिंग लेफ्टिनेंट जनरल पी. के. मिश्रा ने राजौरी जिले में आतंकवाद रोधी के दौरान जान गंवाने वाले लेफ्टिनेंट बीरेश्वर गोस्वामी को रविवार को श्रद्धांजलि दी।
अधिकारियों ने बताया कि शनिवार शाम राजौरी जिले के दोरीमल-गंभीर मुगलन क्षेत्र में आतंकवाद रोधी अभियान के दौरान एक गहरी खाई में गिरने से लेफ्टिनेंट गोस्वामी की मृत्यु हो गई।
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने मुख्य सचिव अटल डुल्लू और अतिरिक्त मुख्य सचिव शालीन काबरा के साथ जम्मू वायुसेना स्टेशन पर पूर्ण सैन्य सम्मान के साथ पुष्पचक्र अर्पित करने के लिए आयोजित एक कार्यक्रम में भाग लिया।
पुलिस महानिदेशक नलिन प्रभात ने भी पुष्पचक्र अर्पित किया और सलामी देकर दिवंगत अधिकारी को श्रद्धांजलि दी।
सेना, पुलिस, अर्धसैनिक बलों और नागरिक प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने लेफ्टिनेंट गोस्वामी के पार्थिव शरीर को अंतिम संस्कार के लिए उत्तराखंड के अल्मोड़ा स्थित उनके पैतृक गांव पांडे खोला भेजे जाने से पहले श्रद्धांजलि अर्पित की।
लेफ्टिनेंट जनरल मिश्रा ने जम्मू में व्हाइट नाइट कोर के सभी अधिकारियों और जवानों की ओर से लेफ्टिनेंट गोस्वामी को श्रद्धांजलि अर्पित की।
व्हाइट नाइट कोर ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘जीओसी व्हाइट नाइट कोर और सभी दर्जे के सैनिक लेफ्टिनेंट बीरेश्वर गोस्वामी के असामयिक निधन पर गहरा दुख व्यक्त करते हैं। उन्होंने दुर्गम भूभाग, खड़ी चट्टानों और प्रतिकूल मौसम परिस्थितियों वाले क्षेत्र में परिचालन संबंधी ड्यूटी निभाते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया।’’
सेना ने कहा कि कर्तव्य के प्रति उनकी अटूट निष्ठा, अदम्य साहस और राष्ट्र सेवा के प्रति उनका निस्वार्थ समर्पण सभी सैनिकों के लिए सदैव प्रेरणास्रोत बना रहेगा।
कोर ने कहा कि दुख की इस घड़ी में वह शोकाकुल परिवार के साथ पूरी संवेदना और एकजुटता के साथ खड़ा है तथा दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करता है।
अधिकारियों ने बताया कि लेफ्टिनेंट गोस्वामी सुरक्षा बलों की ‘ऑपरेशन शेरूवाली’ नामक कार्रवाई का हिस्सा थे, जो रविवार को राजौरी जिले के दोरीमल-गंभीर मुगलन क्षेत्र में लगातार 16वें दिन भी जारी है। यह अभियान जंगल वाले इलाके में छिपे होने के संदेह में दो से तीन पाकिस्तानी आतंकवादियों का पता लगाने और उन्हें पकड़ने के लिए शुरू किया गया था।
भाषा अमित नेत्रपाल प्रशांत
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