समीरुल इस्लाम को एसआईआर नोटिस पर तृणमूल का आरोप: बदले की राजनीति और बंगालियों का उत्पीड़न

समीरुल इस्लाम को एसआईआर नोटिस पर तृणमूल का आरोप: बदले की राजनीति और बंगालियों का उत्पीड़न

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  • Publish Date - January 16, 2026 / 12:11 AM IST,
    Updated On - January 16, 2026 / 12:11 AM IST

कोलकाता, 15 जनवरी (भाषा) तृणमूल कांग्रेस ने बृहस्पतिवार को आरोप लगाया कि निर्वाचन आयोग द्वारा मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत पार्टी के राज्यसभा सदस्य समीरुल इस्लाम को सुनवाई का नोटिस जारी किया जाना राजनीतिक बदले की भावना को दर्शाता है।

पार्टी ने कहा कि इससे यह स्पष्ट होता है कि बंगालियों के पक्ष में आवाज उठाने पर मौजूदा सांसदों को भी अपमानित किया जा रहा है।

निर्वाचन आयोग ने इस्लाम को सुनवाई के लिए उपस्थित होने को कहा है।

यह सुनवाई वर्तमान मतदाता सूची और पिछले विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान तैयार मतदाता सूची में उनके नाम तथा उनके पिता के नाम में पाए गए कथित अंतर से संबंधित है।

नोटिस मिलने की पुष्टि करते हुए इस्लाम ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि उन्हें संबंधित दस्तावेजों के साथ 19 जनवरी को बीरभूम जिले के दुनीग्राम स्थित ए. करीम उच्च विद्यालय में उपस्थित होने के लिए कहा गया है।

नोटिस के अनुसार, वर्तमान मतदाता सूची और पिछले विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान तैयार मतदाता सूची में उनके नाम या उनके पिता के नाम में विसंगति पाई गई है। साथ ही, गणना प्रपत्र में दर्शाए गए संबंध के आधार पर यह प्रतीत होता है कि उन्हें पहले के एसआईआर की मतदाता सूची से गलत रूप से जोड़ा गया है। इस वजह से उन्हें उपस्थित होना जरूरी बताया गया है।

तृणमूल कांग्रेस ने भाजपा और निर्वाचन आयोग पर तीखा हमला करते हुए आरोप लगाया कि एसआईआर की प्रक्रिया का इस्तेमाल राजनीतिक हथियार के रूप में किया जा रहा है।

भाषा

सुरेश प्रशांत

प्रशांत