तृणमूल उम्मीदवार नंदीग्राम आंदोलन में शामिल नहीं, लोग नहीं करेंगे स्वीकार: शुभेंदु

तृणमूल उम्मीदवार नंदीग्राम आंदोलन में शामिल नहीं, लोग नहीं करेंगे स्वीकार: शुभेंदु

तृणमूल उम्मीदवार नंदीग्राम आंदोलन में शामिल नहीं, लोग नहीं करेंगे स्वीकार: शुभेंदु
Modified Date: March 22, 2026 / 08:06 pm IST
Published Date: March 22, 2026 8:06 pm IST

कोलकाता, 22 मार्च (भाषा) नेता प्रतिपक्ष शुभें‍दु अधिकारी ने रविवार को दावा किया कि नंदीग्राम विधानसभा क्षेत्र की जनता सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार को स्वीकार नहीं करेगी क्योंकि वह दो दशक पहले हुए भूमि अधिग्रहण विरोधी आंदोलन में शामिल नहीं थे।

पूर्व मेदिनीपुर जिले का नंदीग्राम 2007 में वाम मोर्चा शासन के दौरान भूमि अधिग्रहण विरोधी आंदोलन का केंद्र रहा था।

प्रस्तावित रासायनिक केंद्र के खिलाफ हुए विरोध प्रदर्शन ने वाम मोर्चे के तीन दशक के शासन को कमजोर कर दिया और ममता बनर्जी के सत्ता में आने का मार्ग प्रशस्त किया।

उस समय तृणमूल कांग्रेस के नेता के रूप में अधिकारी इस आंदोलन में अग्रणी भूमिका में थे।

वह 2020 में भाजपा में शामिल हुए थे।

शुभेंदु ने अपने निर्वाचन क्षेत्र के लोगों से कहा, “आपने नंदीग्राम में बदलाव के लिए वोट दिया था लेकिन यह निरंकुश तृणमूल शासन नहीं बदला। अब उम्मीद करते हैं कि नंदीग्राम में भाजपा को आपका वोट राज्य में तुष्टीकरण समर्थक ममता बनर्जी सरकार को हटाने का मार्ग प्रशस्त करेगा।”

उन्होंने यहां दिन में चुनाव प्रचार शुरू किया था।

शुभेंदु ने अपने पूर्व सहयोगी और हाल ही में तृणमूल कांग्रेस में शामिल हुए पबित्रा कर की उम्मीदवारी पर टिप्पणी करते हुए कहा, “वह कभी नंदीग्राम आंदोलन का हिस्सा नहीं रहे और इस क्षेत्र के लोग, जिन्होंने कृषि भूमि अधिग्रहण को रोकने के लिए खून बहाया था, उन्हें कभी स्वीकार नहीं करेंगे।”

भाजपा नेता शुभेंदु, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ भवानीपुर सीट से भी चुनाव लड़ रहे हैं।

शुभेंदु ने हजारों समर्थकों के साथ सोनाचुरा, गोकुलनगर और टेखाली क्षेत्रों में प्रचार किया।

जब रैली कर के आवास के पास से गुजरी, तो ‘चोर चोर’ जैसे नारे सुनाई दिए, जिसके बाद पुलिस और सुरक्षा बलों ने घर के चारों ओर सुरक्षा घेरा बना लिया।

हालांकि, किसी प्रकार का कोई विवाद नहीं हुआ और शुभेंदु ने अपने समर्थकों से किसी भी ऐसे शब्द का प्रयोग न करने का आग्रह किया, जो किसी के लिए भी अपमानजनक या आपत्तिजनक हो।

शुभेंदु ने बाद में नंदीग्राम से 140 किलोमीटर दूर दक्षिण कोलकाता के भवानीपुर में भी प्रचार किया और मतदाताओं से बातचीत की।

उन्होंने अपनी प्रतिद्वंद्वी उम्मीदवार और मुख्यमंत्री के आवास से कुछ ही दूरी पर स्थित कालीघाट मंदिर में पूजा-अर्चना भी की।

भाषा जितेंद्र संतोष

संतोष


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