(फाइल फोटो के साथ)
नयी दिल्ली, तीन सितंबर (भाषा) कोलकाता की ‘कैमक स्ट्रीट’ पर बृहस्पतिवार को तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी के कार्यालय में नकाबपोश लोगों द्वारा कथित तौर पर तोड़फोड़ किये जाने के बाद पार्टी सांसदों–महुआ मोइत्रा और सौगत राय ने पश्चिम बंगाल में ‘पूरी तरह से अराजकता होने’ की शिकायत की।
मोइत्रा और लोकसभा में पार्टी के उपनेता राय ने यहां प्रेसवार्ता में आरोप लगाया कि तड़के करीब साढ़े चार बजे लगभग 25 लोग दफ्तर में घुस गये, उन्होंने सुरक्षागार्डों को बंधक बना लिया तथा छठी एवं सातवीं मंजिल पर जमकर तोड़फोड़ की।
तृणमूल ने आरोप लगाया है कि हमलावरों ने प्रवेश द्वार एवं शीशे तोड़ दिये तथा कंप्यूटर, प्रिंटर, स्कैनर एवं अन्य उपकरणों को नुकसान पहुंचाया।
उसने यह भी आरोप लगाया कि बदमाश परिसर से टेलीविजन स्क्रीन, ‘एयर प्यूरीफ़ायर’ और लैपटॉप ले गए तथा उन्होंने दफ़्तर में दस्तावेज एवं अन्य सामान बिखेर दिया।
मोइत्रा ने कहा कि सुरक्षा गार्डों को धमकाया गया और उनसे उनके मोबाइल फोन छीन लिए गए तथा हमलावरों ने तोड़-फोड़ शुरू करने से पहले सीसीटीवी कैमरे बंद कर दिए।
उन्होंने कहा, ‘‘आज बंगाल में अराजकता की ऐसी स्थिति है कि लगता है हम किसी ऐसे अशांत/व्यवस्थाविहीन राज्य में रह रहे हैं जहां तख्तापलट हो चुका है।’’
उन्होंने इस घटना को कोलकाता के बीचों-बीच तृणमूल के संगठनात्मक दफ्तर पर हमला बताया।
कृष्णानगर की सांसद मोइत्रा ने कहा कि तृणमूल ने सुबह करीब साढ़े चार बजे से ही बार-बार पुलिस से संपर्क किया, लेकिन पुलिसकर्मी सुबह करीब साढ़े छह एवं सात बजे के बीच वहां पहुंचे और वह भी तब जब पार्टी के वकील थाने गए।
उन्होंने कहा कि इस घटना के सिलसिले में छह लोगों को पकड़ा गया है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या पकड़े गए लोग वही हैं जो दफ्तर में घुसे थे।
मोइत्रा ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिसकर्मी ने घंटों तक कोई कार्रवाई नहीं की तथा बाद में उसने पार्टी सदस्यों को नुकसान का जायजा लेने के लिए प्रभावित मंजिलों पर जाने से भी रोका।
तृणमूल ने आरोप लगाया है कि इस हमले के पीछे भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कार्यकर्ता थे।
हालांकि भारतीय जनता पार्टी ने इस आरोप से इनकार किया है और घटना को सुनियोजित बताया है।
यह घटना बनर्जी के कैमक स्ट्रीट कार्यालय के आस-पास तनाव बढ़ जाने के बीच हुई है। यह तनाव पिछले हफ़्ते तृणमूल नेताओं-कार्यकर्ताओं और कोलकाता पुलिस के जवानों के बीच हुई झड़प के बाद बढ़ा था। यह झड़प इस इमारत की छत से कथित तौर पर बिना मंजूरी के लगाए गए एक ‘बिलबोर्ड’ को हटाने के दौरान हुई थी।
उस टकराव के सिलसिले में तीन प्राथमिकी दर्ज की गईं, जिनमें नामजद लोगों में बनर्जी और तृणमूल के राज्यसभा सदस्य डेरेक ओ’ब्रायन का उल्लेख है। बनर्जी मंगलवार को कोलकाता पुलिस के सामने पेश हुए, जबकि ओ’ब्रायन से बुधवार को पुलिस ने घंटों पूछताछ की थी।
मोइत्रा ने कहा कि इस ताज़ा घटना को इसी संदर्भ में देखा जाना चाहिए। उन्होंने पुलिस के बर्ताव पर सवाल उठाए।
उन्होंने कहा कि तृणमूल ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और पश्चिम बंगाल के राज्यपाल आर.एन. रवि को पत्र लिखकर पार्टी के प्रतिनिधिमंडल के साथ तत्काल मुलाकात का समय मांगा है ताकि उन्हें घटना और राज्य के हालात के बारे में जानकारी दी जा सके।
भाषा
राजकुमार नरेश
नरेश