तृणमूल कांग्रेस का भाजपा पर निशाना, चुनाव से पहले सीबीआई, ईडी के राजनीतिक दुरुपयोग का आरोप
तृणमूल कांग्रेस का भाजपा पर निशाना, चुनाव से पहले सीबीआई, ईडी के राजनीतिक दुरुपयोग का आरोप
कोलकाता, 20 अप्रैल (भाषा) तृणमूल कांग्रेस ने सोमवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर निशाना साधते हुए पश्चिम बंगाल में 29 अप्रैल को होने वाले दूसरे चरण के चुनाव से पहले केंद्रीय एजेंसियों की संलिप्तता वाली ‘बड़ी साजिश’ का आरोप लगाया और साथ ही निर्वाचन आयोग की विश्वसनीयता पर भी सवाल उठाया।
तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता डेरेक ओ’ब्रायन और मंत्री शशि पांजा ने यहां एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए दावा किया कि भाजपा ‘हताश’ है और राज्य में राजनीतिक और संस्थागत दोनों संसाधनों को जुटा रही है।
ओ’ब्रायन ने आरोप लगाया कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह राज्य में ‘पूर्णकालिक भाजपा कार्यकर्ता’ की तरह काम कर रहे हैं और उन्होंने केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई), प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) जैसी केंद्रीय एजेंसियों के प्रमुखों की एक बैठक बुलाई।
पश्चिम बंगाल में 294 सदस्यीय विधानसभा के लिए चुनाव दो चरणों में 23 और 29 अप्रैल को होंगे। मतों की गिनती 4 मई को होगी।
उन्होंने दावा किया, “हमारे पास विश्वसनीय जानकारी है कि गृह मंत्री ने सीबीआई, ईडी और एनआईए के प्रमुखों के साथ एक बैठक बुलाई है। अगले 100 से 150 घंटे में, चुनाव के दूसरे चरण से पहले कोई गंभीर या कपटपूर्ण कार्रवाई की योजना बनाई गई है।” उन्होंने कहा कि दक्षिण बंगाल के जिलों में ऐसी घटनाएं होने की आशंका है।
उन्होंने आरोप लगाया कि उत्तर और दक्षिण 24 परगना, कोलकाता, हावड़ा और हुगली जैसे क्षेत्रों में चुनावी लाभ हासिल करने में विफल रहने के बाद भाजपा ‘हताशा’ में आकर ऐसे कदम उठा रही है। उन्होंने कहा, ‘जब आप लोगों का दिल नहीं जीत सकते, तो आप हताश हो जाते हैं।’
ओ’ब्रायन ने भाजपा पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को हराने के लिए ‘जरूरत से अधिक ताकत लगाने’ का भी आरोप लगाया। उन्होंने आरोप लगाया, “एक महिला को हराने के लिए आपको 18 कैबिनेट मंत्री, प्रधानमंत्री, गृह मंत्री, रक्षा मंत्री, कई मुख्यमंत्रियों, केंद्रीय एजेंसियों और हजारों सुरक्षाकर्मियों की जरूरत है।”
महिला-केंद्रित योजनाओं पर भाजपा के रिकॉर्ड को लेकर उस पर निशाना साधते हुए ओ’ब्रायन ने दावा किया कि पार्टी महाराष्ट्र, दिल्ली और बिहार जैसे राज्यों में अपने वादे पूरे करने में विफल रही है।
एक सवाल के जवाब में उन्होंने निर्वाचन आयोग पर पक्षपात और साख की कमी वाला संस्थान होने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “उन्नीस राजनीतिक दलों और लगभग 300 सांसदों ने पहले ही मुख्य निर्वाचन आयुक्त के खिलाफ महाभियोग का नोटिस दिया था। आने वाले दिनों में अतिरिक्त आरोपों के साथ एक नया महाभियोग नोटिस लाया जाएगा।”
इसी संवाददाता सम्मेलन में पांजा ने भाजपा पर “महिलाओं को धोखा देने” का आरोप लगाया और इसकी तुलना पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस सरकार की कल्याणकारी पहलों से की।
उन्होंने कहा कि कन्याश्री, रूपाश्री और लक्ष्मीर भंडार जैसी योजनाओं ने महिलाओं को सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक रूप से सशक्त बनाया है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सत्ता में आने पर इन लाभों को बंद करने का इरादा रखती है।
पांजा ने केंद्रीय एजेंसियों के कथित दुरुपयोग पर चिंता व्यक्त करते हुए दावा किया कि अगले 150 घंटे में कुछ ‘‘ऐसी योजना बनायी जा रही है’’ जिससे चुनावी माहौल प्रभावित हो सकता है।
उन्होंने कहा, ‘हम बंगाल की जनता को आगाह कर रहे हैं। आशंका है कि निष्पक्ष और स्वतंत्र चुनाव सुनिश्चित करने के नाम पर अप्रिय स्थिति उत्पन्न की जा सकती है।’
तृणमूल नेताओं ने भाजपा नेताओं के चुनावी भाषणों में दिए गए बयानों की भी आलोचना की और उन पर भड़काऊ बयान देने का आरोप लगाते हुए कहा कि ऐसे कृत्यों से आचार संहिता का उल्लंघन हुआ है।
भाजपा की ओर से इन आरोपों पर तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई।
भाषा अमित नरेश
नरेश

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