विधायकों की बगावत के बाद तृणमूल ने पश्चिम बंगाल में सभी संगठनात्मक समितियां भंग कीं

विधायकों की बगावत के बाद तृणमूल ने पश्चिम बंगाल में सभी संगठनात्मक समितियां भंग कीं

विधायकों की बगावत के बाद तृणमूल ने पश्चिम बंगाल में सभी संगठनात्मक समितियां भंग कीं
Modified Date: June 3, 2026 / 02:09 pm IST
Published Date: June 3, 2026 2:09 pm IST

कोलकाता, तीन जून (भाषा) तृणमूल कांग्रेस ने बुधवार को पश्चिम बंगाल में अपनी सभी संगठनात्मक समितियां भंग कर दीं और पार्टी ढांचे की व्यापक समीक्षा की घोषणा की। यह नाटकीय कदम पार्टी के विधायकों की बगावत की पृष्ठभूमि में उठाया गया है।

तृणमूल ने ‘एक्स’ पर जारी बयान में कहा कि पश्चिम बंगाल में पार्टी की सभी समितियां और उसके सभी अग्रिम संगठन तत्काल प्रभाव से भंग कर दिए गए हैं।

यह फैसला ऐसे समय आया है, जब कुछ घंटे पहले ही तृणमूल के बागी विधायकों ने विधानसभा अध्यक्ष से अलग विधायक दल के रूप में मान्यता देने का अनुरोध किया। हालिया चुनावी हार के बाद इस कदम ने पार्टी के भीतर जारी राजनीतिक खींचतान को और गहरा कर दिया है।

पार्टी ने अपने बयान में कहा, ‘‘काफी विचारविमर्श के बाद यह निर्णय लिया गया है कि पश्चिम बंगाल में अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस की सभी समितियां और उसके सभी अग्रिम संगठन तत्काल प्रभाव से भंग माने जाएंगे।’’

पार्टी ने कहा कि वह ‘‘हर स्तर पर आत्ममंथन, प्रदर्शन समीक्षा और संगठनात्मक मूल्यांकन का व्यापक तरीके से आकलन’’ करेगी।

बयान में कहा गया, ‘‘इस अभ्यास के निष्कर्षों के आधार पर मूल संगठन और सभी अग्रिम संगठनों के ढांचे का पुनर्गठन किया जाएगा और उचित समय पर इसकी घोषणा की जाएगी।’’

हालांकि पार्टी ने इस फैसले के कारणों के बारे में कोई विस्तृत जानकारी नहीं दी।

राजनीतिक विश्लेषक इस कदम को जारी राजनीतिक संकट के बीच नेतृत्व द्वारा संगठन पर नियंत्रण वापस पाने और पार्टी तंत्र के पुनर्गठन का रास्ता खोलने की कोशिश के रूप में देख रहे हैं।

तृणमूल ने सोशल मीडिया पोस्ट में यह भी कहा, ‘‘पार्टी अपने संगठन को मजबूत करने और उसे नयी ऊर्जा देने व नए उद्देश्य के साथ भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने के लिए प्रतिबद्ध है।’’

यह घटनाक्रम तृणमूल के गठन के बाद से लिए गए सबसे बड़े संगठनात्मक फैसलों में से एक है।

भाषा

खारी मनीषा

मनीषा


लेखक के बारे में