तृणमूल नेता सुखेंदु शेखर राय का राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा स्वीकार

तृणमूल नेता सुखेंदु शेखर राय का राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा स्वीकार

तृणमूल नेता सुखेंदु शेखर राय का राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा स्वीकार
Modified Date: June 8, 2026 / 03:23 pm IST
Published Date: June 8, 2026 3:23 pm IST

नयी दिल्ली, आठ जून (भाषा) राज्यसभा के सभापति सीपी राधाकृष्णन ने संसद के उच्च सदन की सदस्यता से तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सुखेंदु शेखर राय का इस्तीफा सोमवार को स्वीकार कर लिया और संबंधित सीट को रिक्त घोषित कर दिया।

राय ने राधाकृष्णन से मिलकर उन्हें अपना इस्तीफा सौंपा था।

राज्यसभा सचिवालय की ओर से जारी अधिसूचना के मुताबिक, “राज्यसभा में पश्चिम बंगाल का प्रतिनिधित्व करने वाले सुखेंदु शेखर राय ने अपनी सीट से इस्तीफा दे दिया है। राज्यसभा के सभापति ने आठ जून 2026 को उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया।”

इससे पहले, राय ने संवाददाताओं से कहा था, “मैंने राज्यसभा के सभापति से मुलाकात की और उन्हें अपना इस्तीफा सौंप दिया। मैंने ममता बनर्जी को व्हाट्सएप और ईमेल के जरिये पार्टी से इस्तीफा देने के अपने फैसले से अवगत करा दिया है।”

उन्होंने कहा था, “राज्यसभा में मेरा कार्यकाल 2029 तक था, लेकिन मैंने पार्टी से सैद्धांतिक रूप से इस्तीफा दे दिया है, क्योंकि मेरे लिए पद पर बने रहना मुश्किल होगा।”

राय संसद में तृणमूल कांग्रेस के सबसे लोकप्रिय चेहरों में से एक थे। उन्होंने पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी की मौजूदगी में विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ की बैठक से कुछ घंटे पहले राष्ट्रीय राजधानी में अपने फैसले की घोषणा की।

राय का इस्तीफा पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के विधायक दल में अप्रत्याशित विद्रोह के कुछ ही दिनों बाद आया है, जिसमें पार्टी के 58 विधायकों ने राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता पद के लिए ऋतब्रत बनर्जी का समर्थन किया और पार्टी के आधिकारिक उम्मीदवार शोभनदेब चट्टोपाध्याय को खारिज कर दिया।

राय ने शासन और पार्टी संगठन में व्याप्त भ्रष्टाचार का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती तृणमूल सरकार के खिलाफ जनता का गुस्सा खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है।

भाषा पारुल नरेश

नरेश


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