तृणमूल के मामले में ‘पार्टी चोरी’ हुई, यह लड़ाई सिर्फ ममता की नहीं: कांग्रेस

Ads

तृणमूल के मामले में 'पार्टी चोरी’ हुई, यह लड़ाई सिर्फ ममता की नहीं: कांग्रेस

  •  
  • Publish Date - September 18, 2026 / 12:51 PM IST,
    Updated On - September 18, 2026 / 12:51 PM IST

नयी दिल्ली, 18 सितंबर (भाषा) कांग्रेस ने तृणमूल कांग्रेस के नाम और चुनाव चिह्न के इस्तेमाल पर रोक लगाए जाने को शुक्रवार को ‘‘पार्टी चोरी’’ करार दिया और कहा कि यह लड़ाई सिर्फ पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की नहीं, बल्कि स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव चाहने वाले हर राजनीतिक दल और मतदाता की है।

पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और निर्वाचन आयोग पर राजनीतिक दलों को तोड़ने तथा उनके चुनाव चिह्न छीनने का आरोप लगाया।

उन्होंने कहा कि पहले शिवसेना, फिर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) और अब तृणमूल कांग्रेस के मामले में ‘‘एक ही पैटर्न’’ दिखाई देता है।

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘यह लड़ाई सिर्फ ममता बनर्जी जी की नहीं है। यह हर राजनीतिक दल, हर मतदाता की लड़ाई है जो स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव चाहता है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘जब पूरी की पूरी पार्टी चोरी हो सकती है, तो करोड़ों भारतीयों के वोट चोरी होना भी हैरानी की बात नहीं।’’

गांधी ने निर्वाचन आयोग की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि आयोग की संवैधानिक जिम्मेदारी जनादेश की रक्षा करना है, लेकिन उनके अनुसार वह ‘‘उन ताकतों की मदद कर रहा है, जो जनता के फैसले को ही पलट देते हैं।’’

लोकसभा में कांग्रेस के उप नेता गौरव गोगोई ने भी निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाया।

उन्होंने ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा कि कभी विश्व स्तर पर सम्मानित माना जाने वाला निर्वाचन आयोग अब ‘‘तानाशाही में’ इस तरह से संचालित होता दिख रहा है।

उन्होंने कहा, ‘भाजपा और मुख्य निर्वाचन आयुक्त के अधीन नौकरशाही को ऐसा क्यों लगता है कि भारत की जनता इसे हमेशा स्वीकार करती रहेगी? न्यूटन के गति के तीसरे नियम को याद रखिए।’

न्यूटन के गति के तीसरा नियम के अनुसार, प्रत्येक क्रिया के बराबर और विपरीत दिशा में एक प्रतिक्रिया होती है।

कांग्रेस के मीडिया विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने आरोप लगाया कि एक ओर भाजपा लोगों से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की लोकप्रियता पर विश्वास करने को कहती है और दूसरी ओर वह निर्वाचन आयोग के जरिए चुनावी वित्त, परिसीमन, मतदाता सूचियों, राजनीतिक दलों और पूरी चुनावी व्यवस्था को प्रभावित करने की कोशिश कर रही है।

निर्वाचन आयोग ने बृहस्पतिवार को तृणमूल कांग्रेस के दोनों गुटों को पश्चिम बंगाल में विधानसभा उपचुनाव के दौरान पार्टी के नाम और ‘जोड़ा फूल’ चुनाव चिह्न का इस्तेमाल नहीं करने का निर्देश दिया था।

आयोग ने दोनों गुटों से अपनी पसंद के नाम और चुनाव चिह्न उपलब्ध कराने को कहा है।

भाषा हक रंजन मनीषा

मनीषा