भाजपा ने तृणमूल कांग्रेस के चुनाव चिह्न विवाद पर कांग्रेस की आलोचना खारिज की

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भाजपा ने तृणमूल कांग्रेस के चुनाव चिह्न विवाद पर कांग्रेस की आलोचना खारिज की

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  • Publish Date - September 18, 2026 / 03:57 PM IST,
    Updated On - September 18, 2026 / 03:57 PM IST

नयी दिल्ली, 18 सितंबर (भाषा) तृणमूल कांग्रेस के चुनाव चिह्न विवाद को लेकर सत्तारूढ़ दल पर ‘‘सरकार चोरी’’ और ‘‘पार्टी चोरी’’ का आरोप लगाने वाले राहुल गांधी पर शुक्रवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने पलटवार किया। भाजपा ने कहा कि कांग्रेस नेता को पहले अपनी पार्टी का इतिहास देखना चाहिए कि सत्ता में रहते हुए उसने किस तरह विपक्षी दलों को ‘‘खत्म’’ किया और उनकी सरकारों को ‘‘गिराया’’।

भाजपा मुख्यालय में यहां संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए पार्टी प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने अचानक समर्थन वापस लेकर एच डी देवेगौड़ा, चौधरी चरण सिंह, चंद्रशेखर और आई. के. गुजराल के नेतृत्व वाली सरकारों को गिरा दिया था।

उन्होंने कहा, ‘‘भाजपा पर आरोप लगाने से पहले राहुल गांधी को अपनी ही पार्टी का इतिहास देखना चाहिए। अगर राहुल गांधी अपनी पार्टी का इतिहास नहीं जानते हैं तो वह अपनी पार्टी के नेता बने रहने के भी योग्य नहीं हैं, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष बने रहने की बात तो दूर है।’’

त्रिवेदी ने कहा कि भाजपा देश की एकमात्र ऐसी पार्टी है, जिसमें कभी भी ‘‘बड़ा विभाजन’’ नहीं हुआ।

उन्होंने कहा कि जब भी कांग्रेस ने भाजपा पर हमला किया, तो पार्टी लोकतांत्रिक मूल्यों को बनाए रखने के लिए मजबूती से डटी रही।

कांग्रेस ने तृणमूल कांग्रेस के नाम और चुनाव चिह्न के इस्तेमाल पर रोक लगाए जाने को शुक्रवार को ‘‘पार्टी चोरी’’ करार दिया और कहा कि यह लड़ाई सिर्फ पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की नहीं, बल्कि स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव चाहने वाले हर राजनीतिक दल और मतदाता की है। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने भाजपा और निर्वाचन आयोग पर राजनीतिक दलों को तोड़ने तथा उनके चुनाव चिह्न छीनने का आरोप लगाया।

पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री के प्रति एकजुटता व्यक्त करते हुए गांधी ने कहा कि यह लड़ाई सिर्फ ममता बनर्जी की नहीं है बल्कि यह हर राजनीतिक दल, हर मतदाता की लड़ाई है जो स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव चाहता है।

उनका बयान ऐसे वक्त आया जब निर्वाचन आयोग ने तृणमूल कांग्रेस के दोनों गुटों को पश्चिम बंगाल के आगामी विधानसभा उपचुनाव के दौरान पार्टी के नाम और ‘जोड़ा फूल’ चुनाव चिह्न का इस्तेमाल न करने का बृहस्पतिवार को निर्देश दिया। आयोग ने दोनों गुटों से अपनी पसंद के नाम और चुनाव चिह्न सौंपने के लिए भी कहा। बाद में आयोग ने दोनों गुटों को अलग अलग चुनाव चिह्न एवं नाम दिए।

आयोग ने ममता बनर्जी की अगुवाई वाले तृणमूल कांग्रेस के गुट को ‘ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ और अरूप रॉय की अगुवाई वाले प्रतिद्वंद्वी गुट को ‘डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस’ नाम आवंटित किया।

आयोग के आदेश के अनुसार, ममता गुट को ‘फुटबॉल खिलाड़ी’ जबकि अरूप रॉय गुट को ‘लिफाफा’ चुनाव चिह्न मिला है।

भाषा आशीष मनीषा

मनीषा