त्रिपुरा के विपक्षी नेता ने देहरादून हत्याकांड के पीड़ित के परिवार के सदस्य के लिए नौकरी की मांग की
त्रिपुरा के विपक्षी नेता ने देहरादून हत्याकांड के पीड़ित के परिवार के सदस्य के लिए नौकरी की मांग की
अगरतला, चार जनवरी (भाषा) त्रिपुरा विधानसभा में विपक्ष के नेता जितेंद्र चौधरी ने रविवार को दिसंबर में देहरादून में मारे गए एंजेल चकमा के परिवार के किसी एक सदस्य के लिए सरकारी नौकरी की मांग की।
चौधरी ने पीड़ित के घर जाकर मामले से निपटने के उत्तराखंड पुलिस के तौर तरीके की आलोचना भी की।
उन्होंने पत्रकारों से कहा, ‘उत्तराखंड पुलिस द्वारा एंजेल चकमा की हत्या के मामले को जिस तरह से देखा गया, वह एक गंभीर मामला है। पुलिस ने शुरू में अपेक्षाकृत कम सख्त धारा के तहत मामला दर्ज किया था, जबकि उसे बुरी तरह से चाकू मारा गया था।’
त्रिपुरा के उनाकोटी जिले के माचमारा निवासी एंजेल पर नौ दिसंबर को देहरादून में नस्लीय टिप्पणी का कथित तौर पर विरोध करने के बाद चाकू से हमला किया गया था और बाद में 26 दिसंबर को उसकी मृत्यु हो गई।
उन्होंने एंजेल के पिता तरुण प्रसाद चकमा के इस दावे को भी दोहराया कि अगर अस्पताल में उचित इलाज मिला होता तो युवक की जान बच सकती थी।
चौधरी ने त्रिपुरा सरकार से आग्रह किया कि वह उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से एंजेल के परिवार के लिए सरकारी नौकरी की व्यवस्था करने का अनुरोध करे।
उन्होंने कहा, ‘देहरादून में एमबीए की पढ़ाई कर रहे एंजेल चकमा की जान की कीमत पैसा नहीं है। मैं त्रिपुरा सरकार से आग्रह करता हूं कि वह उत्तराखंड के मुख्यमंत्री से एंजेल के परिवार के किसी सदस्य को सरकारी नौकरी देने का अनुरोध करे, क्योंकि उनके पिता अगले साल बीएसएफ से सेवानिवृत्त होने वाले हैं।’
उत्तराखंड सरकार ने 4.12 लाख रुपये का भुगतान किया है, जबकि त्रिपुरा सरकार ने पांच लाख रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की है और त्रिपुरा जनजातीय क्षेत्र स्वायत्त जिला परिषद (टीटीएएडीसी) ने एंजेल के परिवार को तीन लाख रुपये का चेक सौंपा है।
भाषा तान्या नरेश
नरेश

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