आंदोलन के लिए नौकरी की पेशकश ठुकराई, भारत वापसी पर गिरफ्तारी के लिए तैयार: दीपके

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आंदोलन के लिए नौकरी की पेशकश ठुकराई, भारत वापसी पर गिरफ्तारी के लिए तैयार: दीपके

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  • Publish Date - June 1, 2026 / 07:27 PM IST,
    Updated On - June 1, 2026 / 07:27 PM IST

नयी दिल्ली, एक जून (भाषा) कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दीपके इस हफ्ते भारत लौटने वाले हैं और उन्होंने यहां पहुंचने पर अपनी गिरफ्तारी की संभावना को लेकर चिंता जताई है।

दीपके इस आशंका के बावजूद भारतीय शिक्षा प्रणाली में कथित कमियों को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफ़ा मांगने के मकसद से एक शांतिपूर्ण आंदोलन करने के लिए अडिग हैं।

दीपके मात्र दो सप्ताह पहले बोस्टन में जनसंपर्क में मास्टर डिग्री पूरी करने के बाद नौकरी ढूंढ रहे थे, और उन्हें यह अनुमान भी नहीं था कि उनकी व्यंग्यात्मक राजनीतिक पहल को इतनी जबरदस्त प्रतिक्रिया मिलेगी।

उन्होंने बताया कि सीजेपी को मिली पहचान की वजह से उन्हें अमेरिका और यूरोप की बहुराष्ट्रीय कंपनियों से कई अच्छे जॉब प्रस्ताव मिले हैं, जिन्हें उन्होंने भारत लौटकर आंदोलन को आगे बढ़ाने के लिए ठुकरा दिया।

दीपके ने सोमवार को ‘पीटीआई-भाषा’ को दिए साक्षात्कार में कहा, ‘‘दो सप्ताह पहले, मैं नौकरियों के लिए आवेदन कर रहा था।’’

उन्होंने माना कि उनके परिवार ने चिंता जताई थी और उन्हें धमकियां मिली थीं, लेकिन वह हिरासत में लिए जाने की संभावना के लिए मानसिक रूप से तैयार हैं।

सीजेपी संस्थापक ने कहा, ‘‘मुझे शायद हवाई अड्डे पर गिरफ्तार कर लिया जाएगा।’’ उन्होंने कहा कि उनका मानना ​​है कि उनकी विरोध प्रदर्शन की योजना अभिव्यक्ति की आज़ादी और शांतिपूर्ण तरीके से लोगों के इकट्ठा होने की संवैधानिक गारंटी के तहत संरक्षित है।

दीपके का इस समय आंदोलन की योजना का मकसद कथित अनियमितताओं के लिए जवाबदेही और प्रधान के इस्तीफे की मांग करना है, जिसमें नीट, सीबीएसई और सीयूईटी परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों पर जोर दिया गया है, जिनके बारे में उनका दावा है कि इनसे लाखों छात्रों पर बुरा असर पड़ा है।

उन्होंने कहा, ‘‘हम इस्तीफे की मांग करते रहेंगे, और जब तक वह इस्तीफा नहीं दे देते, हम नहीं रुकेंगे।’’

सोशल मीडिया पर सीजेपी के तेजी से लोकप्रिय होने की वजह से इसके राजनीतिक भविष्य के बारे में अटकलें लगने लगीं। हालांकि दीपके ने कहा कि इसे एक पंजीकृत राजनीतिक पार्टी में बदलने के बारे में सोचना अभी जल्दबाजी होगी।

जब उनसे पूछा गया कि क्या सीजेपी अंतत: निर्वाचन आयोग में पंजीकरण की मांग कर सकता है, इस पर उन्होंने कहा, ‘‘इस पर कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी।’’

फिलहाल, उन्होंने सीजेपी को एक ‘‘राजनीतिक युवा आंदोलन’’ बताया, जो राजनीतिक विमर्श को नया रूप देने और राजनीति में युवाओं की उम्मीदों और चिंताओं को केंद्र में रखने पर ध्यान देता है।

दीपके ने कहा कि कुछ राजनीतिक हस्तियों के समर्थन के बावजूद वह अपने आंदोलन को स्वतंत्र रखना चाहते हैं।

भाषा वैभव नरेश

नरेश