टीवीके विधायक ने सनातन धर्म पर उदयनिधि स्टालिन का समर्थन किया, विरोध के बाद बयान वापस लिया
टीवीके विधायक ने सनातन धर्म पर उदयनिधि स्टालिन का समर्थन किया, विरोध के बाद बयान वापस लिया
चेन्नई, 14 मई (भाषा) तमिलनाडु में सत्तारूढ़ तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) के विधायक मधर बदरुद्दीन (वी एम एस मुस्तफा) ने सदन में नेता प्रतिपक्ष उदयनिधि स्टालिन द्वारा सनातन धर्म पर दिये गए बयान का बृहस्पतिवार को समर्थन कर विवाद खड़ा कर दिया। हालांकि, चौतरफा आलोचना के बाद उन्होंने अपना बयान वापस ले लिया।
मदुरै मध्य से विधायक बदरुद्दीन ने टिप्पणी की थी कि ‘‘ हम भी सनातन धर्म को खत्म करने के लिए मैदान में हैं।’’ टीवीके विधायक ने हालांकि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा)नेताओं की ओर से उनकी और जोसेफ सी विजय के नेतृत्व वाली सरकार की आलोचना किये जाने के बाद स्पष्टीकरण जारी किया।
भाजपा के मुख्य प्रवक्ता नारायणन तिरुपति ने आरोप लगाया कि किसी मुस्लिम व्यक्ति, विशेषकर निर्वाचित प्रतिनिधि द्वारा हिंदू धर्म के बारे में अपमानजनक बातें कहना और इसे समाप्त करने की उद्घोषणा करना धार्मिक सद्भाव को गंभीर रूप से नुकसान पहुंचाएगा।
तिरुपति ने सवाल किया, ‘‘सनातन धर्म की आलोचना करने वाले मुस्तफा क्या इस्लामी आस्था की आलोचना करने का साहस करेंगे? क्या वे ईसाई धर्म की आलोचना करने के लिए आगे आएंगे?’’
भाजपा नेता ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि सत्ता में होने मात्र से कुछ भी कहने का अधिकार रखने का विश्वास अहंकार को दर्शाता है।
उन्होंने कहा, ‘‘मुख्यमंत्री विजय ने अब तक विधानसभा में उदयनिधि स्टालिन के सनातन धर्म पर दिए गए भाषण या टीवीके विधायक मुस्तफा की टिप्पणियों की निंदा नहीं की है। एक मुख्यमंत्री के लिए, जो सभी लोगों का प्रतिनिधित्व करने का दावा करता है, बहुसंख्यक समुदाय की जीवनशैली की आलोचना की निंदा न करना उनके उच्च पद के अनुरूप नहीं है।’’
तिरुपति ने कहा कि सनातन धर्म ‘‘जीवंत और शाश्वत’’ है। उन्होंने कहा,‘‘इसे अतीत में किसी ने भी नष्ट या मिटाया नहीं है, न ही आज कोई जीवित व्यक्ति ऐसा करने में सक्षम है, और न ही भविष्य में जन्म लेने वाला कोई व्यक्ति इसे नष्ट कर पाएगा।’’
मुस्तफा ने 12 मई को मदुरै में संवाददाताओं द्वारा विधानसभा में विश्वास प्रस्ताव जीतने की टीवीके की संभावनाओं के बारे में पूछे जाने पर कहा था कि पार्टी विजयी होगी।
उदयनिधि स्टालिन द्वारा सनातन धर्म के उन्मूलन संबंधी टिप्पणियों के बारे में पूछे जाने पर मुस्तफा ने कहा, ‘‘हम टीवीके में पेरियार ई.वी. रामासामी और बी.आर. आंबेडकर की विचारधाराओं का अनुसरण करते हैं, और हम भी सनातन धर्म का विरोध करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।’’
मुस्तफा ने बृहस्पतिवार को ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में स्पष्ट किया कि ‘‘हम किसी भी धर्म के खिलाफ नहीं हैं।’’
द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) नेता उदयनिधि स्टालिन ने 12 मई को विधानसभा में अपने संबोधन के दौरान अपने पहले के विवादास्पद बयान को दोहराया कि सनातन धर्म का उन्मूलन किया जाना चाहिए।
भाजपा नेता विनोद पी सेल्वम ने मांग की कि विजय को मुस्तफा को बर्खास्त करना चाहिए ताकि यह साबित हो सके कि वह धर्मनिरपेक्ष मूल्यों के लिए खड़े हैं।
भाषा धीरज माधव
माधव

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