तिरुवनंतपुरम, 17 जुलाई (भाषा) तिरुवनंतपुरम की एक अदालत ने 2013 में 42 वर्षीय एक मछुआरे की हत्या के मामले में दो भाइयों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
तिरुवनंतपुरम के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सुधाकांत आर ने बृहस्पतिवार को दीपू उर्फ अजीत और उसके भाई स्टेलस को वलियाथुरा निवासी जॉनसन की हत्या का दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने दोनों पर 50-50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया।
अदालत ने दोनों आरोपियों को हत्या के अपराध में भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 302 के तहत दोषी ठहराया।
जॉनसन और दोनों आरोपी पेशे से मछुआरे थे।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, 27 जनवरी 2013 को यह घटना तब हुई, जब जॉनसन ने आरोपियों से उस मछली को ले जाने पर सवाल किया, जो उसे मछली पकड़ने का जाल निकालने में मदद करने के बदले मेहनताना के रूप में मिली थी।
अभियोजन के मुताबिक, कहासुनी के बाद दोनों भाई कथित तौर पर अपने घर गए, वहां से चाकू लेकर लौटे और जॉनसन पर हमला कर उसकी हत्या कर दी।
भाषा गोला प्रशांत
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