बीड, 28 जनवरी (भाषा) महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने बीड जिले के प्रभारी मंत्री के रूप में महज दो दिन पहले 24 अलग-अलग विकास परियोजनाओं के लिए 22 करोड़ रुपये की मंजूरी दी थी। यह दुर्भाग्यवश स्थानीय स्तर पर विकास को लेकर उनकी अंतिम पहल साबित हुई।
बुधवार सुबह विमान हादसे में अजित पवार की मृत्यु की खबर जैसे ही टीवी चैनलों पर आई, बीड जिले में जगह-जगह सन्नाटा पसर गया। दुकानें, शैक्षणिक संस्थान और व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद रहे।
पुणे जिले के बारामती हवाई अड्डे के पास सुबह विमान दुर्घटना में अजित पवार और चार अन्य लोगों की मौत हो गई।
बीड के प्रभारी मंत्री के रूप में जिम्मेदारी संभालने के बाद से पवार ने यह सुनिश्चित किया कि जिले के लिए विकास निधि कभी कम न पड़े।
आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, उन्होंने महज दो दिन पहले बीड में 24 अलग-अलग विकास कार्यों के लिए 22 करोड़ रुपये स्वीकृत किए थे। दुर्भाग्यवश, इस अनुदान को जिले की जनता के लिए उनका अंतिम उपहार माना जा रहा है।
विज्ञप्ति में कहा गया कि लंबे समय से लंबित अहिल्यानगर-परली रेल लाइन को लेकर उनका योगदान और बीड के लिए हवाई अड्डा सुनिश्चित करने के उनके निरंतर प्रयास जिले की विकास यात्रा में ऐतिहासिक उपलब्धियां माने जाते हैं।
अजित पवार ने बीड के लिए कई विकास परियोजनाओं का प्रस्ताव रखा था। जिला नियोजन समिति के माध्यम से उन्होंने 575 करोड़ रुपये का आवंटन किया।
स्थानीय नेताओं ने कहा कि जिस गति और अनुशासन के साथ वह काम करते थे, उसे अक्सर “दादा पैटर्न” कहा जाता था।
उन्होंने कहा कि उनके निधन से बीड ने न केवल एक नेता, बल्कि अपने विकास के सच्चे शिल्पकार को खो दिया है।
जिले के व्यापारियों, किसानों और आम व्यक्तियों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी।
विभिन्न आरोपों के चलते धनंजय मुंडे के पद छोड़ने के बाद अजित पवार ने 19 जनवरी 2025 को बीड के संरक्षक मंत्री का कार्यभार संभाला था।
उपमुख्यमंत्री को बहुप्रतीक्षित अहिल्यानगर-बीड रेल लाइन शुरू कराने का श्रेय दिया जाता है। उन्होंने बीड तहसील के कामखेड़ा क्षेत्र में हवाई अड्डा स्थापित करने के लिए सर्वेक्षण के आदेश भी दिए थे।
बीड के तत्कालीन सांसद और भाजपा के वरिष्ठ नेता गोपीनाथ मुंडे की तीन जून 2014 को दिल्ली में सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी। उस समय उन्हें मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल किया गया था।
भाषा जोहेब अविनाश
अविनाश