अलप्पुझा (केरल), 10 अप्रैल (भाषा) वरिष्ठ कांग्रेस नेता रमेश चेन्नीथला ने शुक्रवार को कहा कि संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) ने विधानसभा चुनाव एकजुट होकर और सकारात्मक तरीके से लड़ा है और उन्हें भरोसा है कि चार मई को परिणाम घोषित होने पर गठबंधन को निर्णायक जीत मिलेगी।
यहां पत्रकारों से बातचीत में चेन्नीथला ने केरल में यूडीएफ के लिए प्रचार करने पर कांग्रेस के राष्ट्रीय नेताओं राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाद्रा समेत शीर्ष नेतृत्व का आभार जताया।
उन्होंने कहा कि अन्य राज्यों में चुनाव होने के बावजूद राष्ट्रीय नेताओं ने केरल में प्रचार के लिए पर्याप्त समय दिया। उनके अनुसार, प्रचार अभियान व्यवस्थित तरीके से चलाया गया।
उन्होंने कहा, ‘‘हमने किसी पर व्यक्तिगत हमला किए बिना सकारात्मक अभियान चलाया, जिसे केरल के लोगों ने अच्छी तरह स्वीकार किया।’’
चेन्नीथला ने कहा कि यूडीएफ के सहयोगियों ने एकजुट होकर काम किया, जिससे चुनाव में गठबंधन को फायदा हुआ।
उन्होंने कहा, ‘‘इस चुनाव की खासियत यह रही कि यूडीएफ के भीतर कोई मतभेद नहीं था। कांग्रेस के भीतर भी कोई बड़ा मतभेद नहीं था। सभी ने जनता की भावना को समझा और एकजुट होकर काम किया।’’
उन्होंने कहा कि जनता ने यूडीएफ के अभियान को सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है।
चेन्नीथला ने कहा, ‘‘लोग बदलाव चाहते हैं और पिनराई विजयन को विदाई देने के इच्छुक हैं। यह स्पष्ट है कि उन्होंने इस अवसर का प्रभावी ढंग से उपयोग किया है।’’
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि कई निर्वाचन क्षेत्रों में मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के बीच मिलीभगत है।
उन्होंने कहा, ‘‘इसके बावजूद हमें भरोसा है कि यूडीएफ सत्ता में आएगा।’’
चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष के रूप में चेन्नीथला ने गठबंधन का समर्थन करने वाले सभी लोगों को धन्यवाद दिया।
उन्होंने कन्नूर जिले के विभिन्न हिस्सों में हुई हिंसा की घटनाओं की निंदा करते हुए आरोप लगाया कि माकपा ने हिंसक तरीकों को नहीं छोड़ा है।
चेन्नीथला ने कहा कि यूडीएफ पिछले 10 वर्षों से विपक्ष में है और उसके समर्थकों ने केरल में उसे फिर से सत्ता में लाने के लिए कड़ी मेहनत की है।
उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी ने चुनाव प्रचार के दौरान भारी मात्रा में धन खर्च किया, लेकिन इसका कोई खास असर नहीं पड़ा।
उन्होंने कहा, ‘‘मुख्य मुकाबला यूडीएफ और एलडीएफ के बीच था। सभी इस बार यूडीएफ की जीत की भविष्यवाणी कर रहे हैं।’’
उच्च मतदान प्रतिशत पर चेन्नीथला ने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया ने मृत या पलायन कर चुके लोगों के नाम हटाकर मतदाता सूची को साफ करने में मदद की।
उन्होंने कहा, ‘‘इससे फर्जी मतदान की संभावना भी कम हुई, लेकिन यह केवल एक कारण है। मुख्य कारण यह है कि लोग सरकार में बदलाव चाहते हैं, जिससे मतदान प्रतिशत बढ़ा।’’
चेन्नीथला अलप्पुझा जिले के हरिपाद विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ रहे हैं।
भाषा गोला मनीषा
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